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छह माह बाद भी नहीं हो सका कटे पेड़ों का निस्तारण
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:08 AM IST
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चंपावत। बगेड़ी वन पंचायत में अवैध रूप से काटे गए छह पेड़ों का निस्तारण छह माह बाद भी नहीं हो सका है। वन पंचायत ने वन विभाग से अनुमति लेकर कटे पेड़ों की नीलामी तो कर दी, लेकिन इसके एवज में मिलने वाली धनराशि अभी तक जमा नहीं हो सकी है। जिस कारण ये पेड़ अभी तक जंगल में पड़े पड़े खराब हो रहे हैं।
चल्थी के समीप स्थित वन पंचायत बगेड़ी में छह माह पूर्व अवैध रूप से जामुन और साल के छह पेड़ काट दिए गए थे। सरपंच ईश्वरी देवी ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी। लेकिन पेड़ काटने वालों का सुराग नहीं लग सका। सरपंच ने तकरीबन पांच माह पूर्व पेड़ों की नीलामी के लिए वन विभाग से अनुमति ली। जिसके बाद कटे पेड़ों की नीलामी कर दी गई। नापजोख के बाद छह पेड़ों की कीमत दो लाख रुपये आंकी गई। नियमानुसार बोलीदाता धनराशि वन पंचायत के खाते में धनराशि जमा करने के बाद ही पेड़ों का ढुलान कर सकता है।
लेकिन लंबी अवधि बीतने के बाद भी ये धनराशि अब तक वन पंचायत के खाते में जमा नहीं हो सकी है। जिस वजह से ये पेड़ जंगल में पड़े पड़े खराब हो रहे हैं। वनक्षेत्राधिकारी केसी तिवारी का कहना है कि धनराशि जमा होने के बाद ही बोलीदाता पेड़ों का ढुलान कर सकता है। लेकिन अभी तक धनराशि जमा नहीं होने से कटे पेड़ वन पंचायत के जंगल में ही पड़े हुए हैं।
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वन निगम को की 80 पेड़ों की नीलामी
चंपावत। बगेड़ी वन पंचायत ने सूखे, गिरे पड़े 80 पेड़ों की नीलामी वन निगम को की है। पेड़ों की लाट तैयार कर ली गई है। लेकिन अभी इसकी कीमत तय नहीं की जा सकी है। वन क्षेत्राधिकारी केसी तिवारी ने बताया कि 2000 हेक्टेयर में फैली बगेड़ी वन पंचायत में साल, खैर, चीड़, हल्दू, कूकाट और जामुन के 80 पेड़ों की नीलामी वन निगम को की गई है। पेड़ों की लाट बना निगम को भेज दी गई है। कीमत तय होने के बाद रकम वन पंचायत के खाते में डाल दी जाएगी।
चल्थी के समीप स्थित वन पंचायत बगेड़ी में छह माह पूर्व अवैध रूप से जामुन और साल के छह पेड़ काट दिए गए थे। सरपंच ईश्वरी देवी ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी। लेकिन पेड़ काटने वालों का सुराग नहीं लग सका। सरपंच ने तकरीबन पांच माह पूर्व पेड़ों की नीलामी के लिए वन विभाग से अनुमति ली। जिसके बाद कटे पेड़ों की नीलामी कर दी गई। नापजोख के बाद छह पेड़ों की कीमत दो लाख रुपये आंकी गई। नियमानुसार बोलीदाता धनराशि वन पंचायत के खाते में धनराशि जमा करने के बाद ही पेड़ों का ढुलान कर सकता है।
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लेकिन लंबी अवधि बीतने के बाद भी ये धनराशि अब तक वन पंचायत के खाते में जमा नहीं हो सकी है। जिस वजह से ये पेड़ जंगल में पड़े पड़े खराब हो रहे हैं। वनक्षेत्राधिकारी केसी तिवारी का कहना है कि धनराशि जमा होने के बाद ही बोलीदाता पेड़ों का ढुलान कर सकता है। लेकिन अभी तक धनराशि जमा नहीं होने से कटे पेड़ वन पंचायत के जंगल में ही पड़े हुए हैं।
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वन निगम को की 80 पेड़ों की नीलामी
चंपावत। बगेड़ी वन पंचायत ने सूखे, गिरे पड़े 80 पेड़ों की नीलामी वन निगम को की है। पेड़ों की लाट तैयार कर ली गई है। लेकिन अभी इसकी कीमत तय नहीं की जा सकी है। वन क्षेत्राधिकारी केसी तिवारी ने बताया कि 2000 हेक्टेयर में फैली बगेड़ी वन पंचायत में साल, खैर, चीड़, हल्दू, कूकाट और जामुन के 80 पेड़ों की नीलामी वन निगम को की गई है। पेड़ों की लाट बना निगम को भेज दी गई है। कीमत तय होने के बाद रकम वन पंचायत के खाते में डाल दी जाएगी।