{"_id":"5a3010cc4f1c1b8d698c13dc","slug":"41513099468-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आबादी तक पहुंचने लगा हमलावर बाघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आबादी तक पहुंचने लगा हमलावर बाघ
Updated Tue, 12 Dec 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
टनकपुर (चंपावत)।
शारदा रेंज के जंगल में घूम रहा हमलावर बाघ अब आबादी के आसपास तक पहुंचने लगा है। मंगलवार की सुबह ककरालीगेट स्थिति वन निगम के प्रकाष्ठ डिपो नंबर एक के अंदर बाघ के पंजे के निशान मिलने से जहां ककरालीगेट गांव में दहशत फैल गई है, वहीं वन विभाग भी चौकन्ना हो गया है। रात्रि गश्त बढ़ाने के साथ ही विभाग ने ग्रामीणों को जंगल जाने से रोकने के लिए कर्मचारी तैनात कर दिए हैं।
हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज में तीन एवं चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज में एक महिला की जान ले चुका बाघ क्षेत्र में दहशत का पर्याय बना हुआ है। 22 नवंबर को नयागोठ निवासी हेमा देवी (45) को निवाला बनाए जाने की घटना के बाद से शारदा रेंज के जंगल में घूम रहे बाघ को पकड़ने के लिए विभाग ने जंगल में सीसी कैमरे लगाने के साथ ही दो पिंजड़े भी लगाए हैं, लेकिन घटना के बीस दिन बाद भी बाघ पिंजड़े में कैद नहीं हो पाया है। वहीं हमलावर बाघ की पहचान के लिए डब्ल्यूआईआई देहरादून की टीम बाघ की गतिविधियों पर नजर रखे है।
इधर, अब बाघ आबादी वाले क्षेत्रों में भी पहुंचने लगा है। वन बीट अधिकारी निर्मल चंद्र खुल्वे ने बताया कि मंगलवार की सुबह वन निगम के प्रकाष्ठ डिपो संख्या एक के अंदर बाघ के पंजे के निशान मिले हैं। वन क्षेत्राधिकारी गोविंद सिंह रजवार ने बताया कि प्रकाष्ठ डिपो परिसर में पंजे के निशान मिलने के बाद चौकसी बढ़ा दी गई है। गांव और जंगल की सीमा पर रात्रि गश्त बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने से रोकने को कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
शारदा रेंज के जंगल में घूम रहा हमलावर बाघ अब आबादी के आसपास तक पहुंचने लगा है। मंगलवार की सुबह ककरालीगेट स्थिति वन निगम के प्रकाष्ठ डिपो नंबर एक के अंदर बाघ के पंजे के निशान मिलने से जहां ककरालीगेट गांव में दहशत फैल गई है, वहीं वन विभाग भी चौकन्ना हो गया है। रात्रि गश्त बढ़ाने के साथ ही विभाग ने ग्रामीणों को जंगल जाने से रोकने के लिए कर्मचारी तैनात कर दिए हैं।
हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज में तीन एवं चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज में एक महिला की जान ले चुका बाघ क्षेत्र में दहशत का पर्याय बना हुआ है। 22 नवंबर को नयागोठ निवासी हेमा देवी (45) को निवाला बनाए जाने की घटना के बाद से शारदा रेंज के जंगल में घूम रहे बाघ को पकड़ने के लिए विभाग ने जंगल में सीसी कैमरे लगाने के साथ ही दो पिंजड़े भी लगाए हैं, लेकिन घटना के बीस दिन बाद भी बाघ पिंजड़े में कैद नहीं हो पाया है। वहीं हमलावर बाघ की पहचान के लिए डब्ल्यूआईआई देहरादून की टीम बाघ की गतिविधियों पर नजर रखे है।
विज्ञापन
इधर, अब बाघ आबादी वाले क्षेत्रों में भी पहुंचने लगा है। वन बीट अधिकारी निर्मल चंद्र खुल्वे ने बताया कि मंगलवार की सुबह वन निगम के प्रकाष्ठ डिपो संख्या एक के अंदर बाघ के पंजे के निशान मिले हैं। वन क्षेत्राधिकारी गोविंद सिंह रजवार ने बताया कि प्रकाष्ठ डिपो परिसर में पंजे के निशान मिलने के बाद चौकसी बढ़ा दी गई है। गांव और जंगल की सीमा पर रात्रि गश्त बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने से रोकने को कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
विज्ञापन