{"_id":"578d0d714f1c1b624fc4bc79","slug":"27-roads-were-hit-by-debris-on-the-second-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी मलबे से बाधित रहीं 27 सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी मलबे से बाधित रहीं 27 सड़कें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 18 Jul 2016 10:40 PM IST
विज्ञापन
एनएच में चल्थी के समीप सड़क से मलवा हटाती जेसीबी मशीन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जिले में बारिश का कहर जारी है। भारी बारिश से जिले की 27 सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने एनएच में रात आठ बजे बाद रात में वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। एनएच में चल्थी, स्वांला, धौन के पास लगातार भूस्खलन से लगातार मलबा गिर रहा है। जिले में अब तक मौसम विभाग का पूर्वानुमान सटीक बैठ रहा है।
पूर्वानुमान के अनुसार अभी 24 घंटे पहाड़ में और भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश से गंडकी, नागनी, क्वैराला, लधिया, लोहावती, सरयू, शारदा, काली और गंडक नदी के साथ बरसाती नाले उफान पर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भवनों और दीवारों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय के अनुसार मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सभी संवेदनशील स्थानों में कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटे में चंपावत में 37.4, बनबसा में तीन, लोहाघाट में 22 तथा पाटी में 11 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। चंपावत में गंडक नदी किनारे बने एक आवासीय मकान को भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। चल्थी में आ रहे मलबे को हटाने में एनएच कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। सोमवार की शाम तक बाराकोट लिंक मार्ग और चंपावत-तामली मोटर मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
यह मार्ग हैं बंद
लोहाघाट में क्वारखोली-पाटी, कजीना-पुनौली, ढोलीगांव-रिखौली, तिमलागूंठ-पीपलढींग, रीठाखाल-मंटाडे, कामाज्यूला-भनार, गल्लागांव-देवलीमाफी, तड़ीगांव-इंद्रपुरी, बर्दाखान-पठलती, बैड़ा लुवाकोट-लुवाकोट, दियारतोली-बांस बैट्टा, चौमेल-असलाड़, चंपावत में रीठा-अमोड़ी, टाकखंदग-करौली तथा पीएमजीएसवाई की हरम-रमैला, धौन-सल्ली, अमोड़ी-छतकोट, सिमलखेत-पड़ासोशेरा, रीठा-रमक और तिमलागूंठ-सिल्योड़ी गूंठ, गौड़ी-किमतोली।
पूर्वानुमान के अनुसार अभी 24 घंटे पहाड़ में और भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश से गंडकी, नागनी, क्वैराला, लधिया, लोहावती, सरयू, शारदा, काली और गंडक नदी के साथ बरसाती नाले उफान पर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भवनों और दीवारों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय के अनुसार मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सभी संवेदनशील स्थानों में कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटे में चंपावत में 37.4, बनबसा में तीन, लोहाघाट में 22 तथा पाटी में 11 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। चंपावत में गंडक नदी किनारे बने एक आवासीय मकान को भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। चल्थी में आ रहे मलबे को हटाने में एनएच कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। सोमवार की शाम तक बाराकोट लिंक मार्ग और चंपावत-तामली मोटर मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
विज्ञापन
यह मार्ग हैं बंद
लोहाघाट में क्वारखोली-पाटी, कजीना-पुनौली, ढोलीगांव-रिखौली, तिमलागूंठ-पीपलढींग, रीठाखाल-मंटाडे, कामाज्यूला-भनार, गल्लागांव-देवलीमाफी, तड़ीगांव-इंद्रपुरी, बर्दाखान-पठलती, बैड़ा लुवाकोट-लुवाकोट, दियारतोली-बांस बैट्टा, चौमेल-असलाड़, चंपावत में रीठा-अमोड़ी, टाकखंदग-करौली तथा पीएमजीएसवाई की हरम-रमैला, धौन-सल्ली, अमोड़ी-छतकोट, सिमलखेत-पड़ासोशेरा, रीठा-रमक और तिमलागूंठ-सिल्योड़ी गूंठ, गौड़ी-किमतोली।
विज्ञापन