{"_id":"5b1193f54f1c1ba76e8b5ab8","slug":"201527878645-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब की दुकान का दूसरे दिन भी विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब की दुकान का दूसरे दिन भी विरोध
Updated Sat, 02 Jun 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बनबसा (चंपावत)।
देसी शराब की दुकान को थाने के सामने पचपकरिया से पाटनी तिराहे स्थित एक दुकान में शिफ्ट करने का विरोध तेज हो गया है। दूसरे दिन भी महिलाओं ने प्रदर्शन कर शराब की दुकान हटाने की मांग की। इस दौरान वहां पहुंचे आबकारी निरीक्षक प्रतिमन सिंह कन्याल की भी महिलाओं ने नहीं मानी।
बृहस्पतिवार को पुरानी जगह से देसी शराब की दुकान को पाटनी तिराहे स्थित एक दुकान में शिफ्ट किया गया है, इसका पाटनी तिराहे वासियों ने विरोध शुरू कर दिया था। शुक्रवार को दूसरे दिन भी महिलाओं ने शराब की दुकान खुलते ही विरोध करना शुरू कर दिया। इस बीच वहां पहुंचे आबकारी निरीक्षक कन्याल की बात भी महिलाओं ने नही मानी। वे वहां से शराब की दुकान हटाने पर अड़ी रहीं। बहरहाल, दूसरे दिन कुछ समय व्यवधान के बाद पुलिस की मौजूदगी में शराब की बिक्री जारी रही। महिलाओं ने प्रशासन को एक सप्ताह में वहां से दुकान अन्यत्र स्थानांतरित नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में ममता चंद, रुकमणी देवी, कलावती देवी, ललिता कलौनी, हयात सिंह चौहान, देवेंद्र चंद आदि शामिल रहे। उधर, आबकारी निरीक्षक ने बताया कि बनबसा में आवंटित दो देसी शराब की दुकानों को एक कर दिया गया है। सरकार ने देसी शराब की दुकानों में बियर की बिक्री को आवश्यक किया है। पुरानी देसी की दुकान और अंग्रेजी शराब की दुकान आसपास होने से बियर की बिक्री प्रभावित हो रही थी, इस कारण देसी शराब की दुकान पुरानी जगह से शिफ्ट की गई है।
देसी शराब की दुकान को थाने के सामने पचपकरिया से पाटनी तिराहे स्थित एक दुकान में शिफ्ट करने का विरोध तेज हो गया है। दूसरे दिन भी महिलाओं ने प्रदर्शन कर शराब की दुकान हटाने की मांग की। इस दौरान वहां पहुंचे आबकारी निरीक्षक प्रतिमन सिंह कन्याल की भी महिलाओं ने नहीं मानी।
बृहस्पतिवार को पुरानी जगह से देसी शराब की दुकान को पाटनी तिराहे स्थित एक दुकान में शिफ्ट किया गया है, इसका पाटनी तिराहे वासियों ने विरोध शुरू कर दिया था। शुक्रवार को दूसरे दिन भी महिलाओं ने शराब की दुकान खुलते ही विरोध करना शुरू कर दिया। इस बीच वहां पहुंचे आबकारी निरीक्षक कन्याल की बात भी महिलाओं ने नही मानी। वे वहां से शराब की दुकान हटाने पर अड़ी रहीं। बहरहाल, दूसरे दिन कुछ समय व्यवधान के बाद पुलिस की मौजूदगी में शराब की बिक्री जारी रही। महिलाओं ने प्रशासन को एक सप्ताह में वहां से दुकान अन्यत्र स्थानांतरित नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में ममता चंद, रुकमणी देवी, कलावती देवी, ललिता कलौनी, हयात सिंह चौहान, देवेंद्र चंद आदि शामिल रहे। उधर, आबकारी निरीक्षक ने बताया कि बनबसा में आवंटित दो देसी शराब की दुकानों को एक कर दिया गया है। सरकार ने देसी शराब की दुकानों में बियर की बिक्री को आवश्यक किया है। पुरानी देसी की दुकान और अंग्रेजी शराब की दुकान आसपास होने से बियर की बिक्री प्रभावित हो रही थी, इस कारण देसी शराब की दुकान पुरानी जगह से शिफ्ट की गई है।
विज्ञापन