{"_id":"59a2ffcb4f1c1bde7d8b475d","slug":"201503854539-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेडियम के लिए एक साल बाद मिला बजट, रिलीज हुए 1.75 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टेडियम के लिए एक साल बाद मिला बजट, रिलीज हुए 1.75 करोड़
Updated Sun, 27 Aug 2017 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। खेल दिवस (29 अगस्त) से कुछ दिन पहले लोहाघाट के स्टेडियम के निर्माण के लिए रकम रिलीज हो गई। धन नहीं मिलने से बीते छह महीनों से काम लटका था। अलबत्ता धन मिलने से दुबारा काम शुरू हो सकेगा।
चंपावत जिले में अकेला स्टेडियम टनकपुर में है। राज्य बनने से पूर्व टनकपुर में स्टेडियम का निर्माण हुआ। उत्तराखंड राज्य बनने के 17 साल बाद चंपावत जिले में अब तक एक भी स्टेडियम नहीं बन सका है। राज्य बनने के बाद जिले का पहला स्टेडियम लोहाघाट के छमनियांचौड़ में प्रस्तावित किया गया। और 2015 से इसमें काम भी शुरू हुआ। 10.92 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्टेडियम का काम भी धन नहीं मिलने के कारण फरवरी से रुका था। मगर अब स्टेडियम के लिए तीसरी किश्त रिलीज हो गई है।
जिला खेल अधिकारी राजेंद्र सिंह धामी ने बताया कि स्टेडियम के लिए 1.75 करोड़ रुपये रिलीज हुए हैं। इस रकम से स्टेडियम के समतलीकरण के बचे काम के पूरा होने के अलावा चहारदीवारी का काम हो सकेगा। इससे पूर्व स्टेडियम के लिए मार्च 2015 में 2 करोड़ और अगस्त 2016 में 50 लाख रुपये रिलीज हुए थे। इस तरह 10.92 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्टेडियम के लिए अब तक 4.25 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। 400 मीटर रनिंग ट्रेक के कटिंग कार्य पूर्ण करने के साथ मैदान को 90 फीसदी समतल बना दिया गया है।
विज्ञापन
मुख्यालय में स्टेडियम का सपना हकीकत नहीं
प्रदेश के दो-दो मुख्यमंत्रियों के एलान के बावजूद जिला मुख्यालय में स्टेडियम का सपना हकीकत से दूर है। मुख्यालय में होने वाली तमाम खेलकूद की गतिविधियां शिक्षा विभाग के स्वामित्व वाले गोरलचौड़ मैदान में होती है। खेल विभाग का कहना है कि एकमुश्त जगह नहीं मिलने से चंपावत में स्टेडियम का निर्माण नहीं हो पा रहा है। जगह की तलाश की जा रही है।
चंपावत जिले में अकेला स्टेडियम टनकपुर में है। राज्य बनने से पूर्व टनकपुर में स्टेडियम का निर्माण हुआ। उत्तराखंड राज्य बनने के 17 साल बाद चंपावत जिले में अब तक एक भी स्टेडियम नहीं बन सका है। राज्य बनने के बाद जिले का पहला स्टेडियम लोहाघाट के छमनियांचौड़ में प्रस्तावित किया गया। और 2015 से इसमें काम भी शुरू हुआ। 10.92 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्टेडियम का काम भी धन नहीं मिलने के कारण फरवरी से रुका था। मगर अब स्टेडियम के लिए तीसरी किश्त रिलीज हो गई है।
विज्ञापन
जिला खेल अधिकारी राजेंद्र सिंह धामी ने बताया कि स्टेडियम के लिए 1.75 करोड़ रुपये रिलीज हुए हैं। इस रकम से स्टेडियम के समतलीकरण के बचे काम के पूरा होने के अलावा चहारदीवारी का काम हो सकेगा। इससे पूर्व स्टेडियम के लिए मार्च 2015 में 2 करोड़ और अगस्त 2016 में 50 लाख रुपये रिलीज हुए थे। इस तरह 10.92 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्टेडियम के लिए अब तक 4.25 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। 400 मीटर रनिंग ट्रेक के कटिंग कार्य पूर्ण करने के साथ मैदान को 90 फीसदी समतल बना दिया गया है।
विज्ञापन
मुख्यालय में स्टेडियम का सपना हकीकत नहीं
प्रदेश के दो-दो मुख्यमंत्रियों के एलान के बावजूद जिला मुख्यालय में स्टेडियम का सपना हकीकत से दूर है। मुख्यालय में होने वाली तमाम खेलकूद की गतिविधियां शिक्षा विभाग के स्वामित्व वाले गोरलचौड़ मैदान में होती है। खेल विभाग का कहना है कि एकमुश्त जगह नहीं मिलने से चंपावत में स्टेडियम का निर्माण नहीं हो पा रहा है। जगह की तलाश की जा रही है।