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मनरेगा मजदूरों को सात दिन की मजदूरी के भुगतान पर ग्राम प्रधान संगठन मुखर
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लोहाघाट (चंपावत)। मनरेगा के मजदूरों को सिर्फ सात दिन की मजदूरी के भुगतान पर ग्राम प्रधान संगठन ने कड़ा रोष जताया है। उन्होंने बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर मजदूरों को 14 दिन की मजदूरी के भुगतान की मांग की है। चेतावनी दी कि मजदूरों का पूरा मेहनताना नहीं मिला तो ग्राम प्रधान संगठन उग्र आंदोलन करेगा। संगठन के जिलाध्यक्ष एलएम जोशी और ब्लॉक अध्यक्ष चांद बोहरा का कहना है कि चंपावत, पाटी, बाराकोट विकास खंडों में मनरेगा के तहत कार्य करने वाले मजदूरों को एक बार में 12 दिनों मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है, जबकि लोहाघाट ब्लॉक में मजदूरों को सिर्फ सात दिन की मजदूरी का भुगतान कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
उनका कहना है कि सात दिन की मजदूरी के लिए बैंक आने वाले मजदूरों का आने-जाने में अतिरिक्त धन खर्च हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस बाबत पूर्व में भी कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन उनकी मांग को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में गिरीश सिंह, मदन राम, प्रेम राम आदि थे।
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उनका कहना है कि सात दिन की मजदूरी के लिए बैंक आने वाले मजदूरों का आने-जाने में अतिरिक्त धन खर्च हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस बाबत पूर्व में भी कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन उनकी मांग को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में गिरीश सिंह, मदन राम, प्रेम राम आदि थे।
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