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दूर की कौड़ी बनी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

Fri, 20 Apr 2018 11:24 PM IST
Updated Fri, 20 Apr 2018 11:24 PM IST
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दूर की कौड़ी बनी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

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चंपावत। जिले में काश्तकारों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेना दूर की कौड़ी बनता जा रहा है। योजना का व्यापक प्रचार प्रसार नहीं होने से काश्तकारों को फसलों के नुकसान पर बीमे का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कृषि और उद्यान विभाग की ओर से बैंक से कर्ज लेने वाले काश्तकारों के नाम पर विभिन्न फसलों के बीमा के प्रीमियम का भुगतान इंश्योरेंश कंपनियों को तो किया जा रहा है। लेकिन दोनों ही विभागों को बीमा क्लेम हासिल करने वाले काश्तकारों की संख्या की जानकारी तक नहीं है। दूसरी ओर योजना के बारे में समुचित जानकारी नहीं होने से चंपावत जिले में वर्तमान में चल रहे खरीफ सत्र में गेहूं की फसल के लिए महज 388 काश्तकारों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल बीमा कराया है। जिन्हें मई माह के बाद होने वाले क्राप कटिंग के बाद ही बीमा क्लेम का लाभ मिल सकेगा। यदि क्राप कटिंग में गेहूं का उत्पादन सामान्य मिलेगा तो काश्तकारों को किसी तरह के बीमा क्लेम का लाभ नहीं मिल सकेगा। इंश्योरेंश कंपनी के स्थानीय प्रतिनिधि किशोर पांडेय के अनुसार योजना में बीते साल के गेहूं उत्पादन और इस साल होने वाले क्राप कटिंग के आधार पर उत्पादन दर का निर्धारण किया जाएगा। जिसके बाद ही क्लेम भुगतान की कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
जिले में कितने काश्तकारों ने फसल के नुकसान पर बीमा का क्लेम किया और कितने काश्तकारों को क्लेम का भुगतान हुआ है यह जानकारी संबंधित इंश्योरेंश कंपनी के पास ही रहती है।
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सुरेंद्र कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी, चंपावत।

आपदा की स्थिति में 24 घंटे में सूचना देना जरूरी
चंपावत। एग्रीकल्चर इंश्योरेंश कंपनी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि किशोर पांडेय के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बरसात, आपदा की स्थिति में गेहूं की फसल के बर्बाद होने पर नियमानुसार मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए प्रभावित काश्तकारों को नुकसान के 24 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को फोन के जरिए सूचना देना अनिवार्य है। जिसके बाद बीमा कंपनी की टीम प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कर फसल की क्षति का आंकलन और मुआवजे की कार्रवाई करती है।


प्रीमियम की राशि पर राज्य सरकार देती है अनुदान
चंपावत। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कृषि एवं उद्यान की फसलों के बीमे की प्रीमियम की राशि पर राज्य सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है। जिले में बीते वर्ष कुल 3195 काश्तकारों की खरीफ की फसलों मिर्च, अदरख, आलू, टमाटर और फ्राजबीन आदि के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा करवाया गया था। जिसके लिए काश्तकारों की ओर से 75 लाख 23 हजार 686 रुपये की प्रीमियम की धनराशि का भुगतान एग्रीकल्चर इंश्योरेंश कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड को किया है। प्रीमियम की धनराशि में राज्य सरकार की ओर से 74 लाख एक हजार 271 रुपये का अनुदान दिया गया।
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