{"_id":"5a9c23f94f1c1b462c8bb2c7","slug":"191520182265-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर घर जाकर नहीं होगा खड़ी होली गायन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर घर जाकर नहीं होगा खड़ी होली गायन
Updated Sun, 04 Mar 2018 10:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। कनलगांव के लोग अब घर घर जाकर होली का गायन नहीं करेंगे। अगले वर्ष से कनलगांव की खड़ी होली केवल चार जगहों पर होगी। यह निर्णय यहां कनलगांव होली समिति की बैठक में लिया गया। समय का अभाव और लंबा क्षेत्रफल इसकी वजह बनी है। इसके अलावा गोलज्यू मंदिर में चल रहे सुंदरीकरण के लिए समिति ने 11 हजार रुपये की धनराशि दान में भी दी।
कनलगांव में भगवान सिंह तड़ागी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए। बताया गया कि अगले वर्ष से पंचबल्या मंदिर परिसर में चीर बांधी जाएगी। साथ ही गोलू मंदिर, संस्कृत स्कूल स्थित शिव मंदिर और जिमदार बाबा मंदिर में ही खड़ी होली का गायन किया जाएगा। समिति के सदस्यों सुभाष तड़ागी, डीके पांडेय, प्रकाश पुजारी, खीमानंद पांडेय, प्रकाश नाथ का कहना था कि वर्तमान में कनलगांव और गोरलचौड़ के 135 घरों में जाकर खड़ी होली का गायन किया जाता है।
लंबा क्षेत्रफल और समय की कमी घर घर जाकर खड़ी होली गायन में बाधा बनती है। समिति सदस्यों ने सर्वसम्मति से गोरलदेव मंदिर, पंचबल्या मंदिर, संस्कृत स्कूल के शिव मंदिर और जिमदार बाबा मंदिर में ही खड़ी होली का गायन करने का निर्णय लिया। बैठक में अमर सिंह, प्रकाश गिरी, गणेश नाथ, लक्ष्मण नाथ, ललित, नवीन पांडेय मौजूद थे।
कनलगांव में भगवान सिंह तड़ागी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए। बताया गया कि अगले वर्ष से पंचबल्या मंदिर परिसर में चीर बांधी जाएगी। साथ ही गोलू मंदिर, संस्कृत स्कूल स्थित शिव मंदिर और जिमदार बाबा मंदिर में ही खड़ी होली का गायन किया जाएगा। समिति के सदस्यों सुभाष तड़ागी, डीके पांडेय, प्रकाश पुजारी, खीमानंद पांडेय, प्रकाश नाथ का कहना था कि वर्तमान में कनलगांव और गोरलचौड़ के 135 घरों में जाकर खड़ी होली का गायन किया जाता है।
विज्ञापन
लंबा क्षेत्रफल और समय की कमी घर घर जाकर खड़ी होली गायन में बाधा बनती है। समिति सदस्यों ने सर्वसम्मति से गोरलदेव मंदिर, पंचबल्या मंदिर, संस्कृत स्कूल के शिव मंदिर और जिमदार बाबा मंदिर में ही खड़ी होली का गायन करने का निर्णय लिया। बैठक में अमर सिंह, प्रकाश गिरी, गणेश नाथ, लक्ष्मण नाथ, ललित, नवीन पांडेय मौजूद थे।
विज्ञापन