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ट्रेड हैं पांच, मगर चल रहे हैं तीन

Tue, 12 Dec 2017 11:06 PM IST
Updated Tue, 12 Dec 2017 11:06 PM IST
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ट्रेड हैं पांच, मगर चल रहे हैं तीन

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पाटी (चंपावत)। पाटी विकासखंड में स्थित खेतीखान का औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बदहाली का नमूना है। 28 वर्ष पुराने इस संस्थान में पांच ट्रेेड हैं, लेकिन चल सिर्फ तीन रहे हैं। और ये ट्रेड भी बेहद पुराने किराये के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। इन हालातों में इस आईटीआई से रोजगार पाना दिवा स्वप्न सरीखा हो गया है।

यूपी शासन काल के दौरान 1989 में खेतीखान में ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देने के मकसद से आईटीआई खोला गया था। वायरमैन, इलैक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रानिक्स, वायरलैस और रेडियो व टेलीविजन ऑपरेटर ट्रेड यहां स्वीकृत हैं, लेकिन ये सभी ट्रेड संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इस वक्त वायरलैस तथा रेडियो व टीवी ऑपरेटर नहीं चल रहे हैं। कभी अनुदेशकों की कमी, तो कभी छात्रों ने दाखिला नहीं लिया। 4 अनुदेशक, एक लिपिक, 2 चतुर्थ कर्मी और एक अनुसेवक से यहां का काम चल रहा है।
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वर्तमान तीन ट्रेडों में कुल 39 छात्र यहां से प्रशिक्षण ले रहे हैं। अलबत्ता एक भी छात्रा ने यहां दाखिला नहीं लिया है। ये कक्षाएं भी महज तीन जीर्णशीर्ण कमरों में चल रही हैं। इसके चलते कार्यशाला के काम में भी दुश्वारी पड़ रही है। आईटीआई के प्रभारी रवींद्र नौटियाल का कहना है कि स्टाफ व संसाधनों की कमी से शिक्षण कार्य पर असर पड़ रहा है। बावजूद इसके कठिन परिस्थितियों में काम चलाया जा रहा है।
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अनुदेशक को दी गई है स्टोर कीपर की जिम्मेदारी
रेडियो व टीवी ट्रेड कई सालों से बंद है। मगर छात्र नहीं होने से इस ट्रेड का संचालन नहीं हो पा रहा है। इस ट्रेड के अनुदेशक को स्टोर कीपर का जिम्मा दिया गया है।


भवन के लिए चयनित हो चुकी जमीन
खेतीखान में 28 साल पुराने आईटीआई के पास अपना भवन नहीं है। अलबत्ता अब भवन के लिए जमीन की तलाश पूरी की जा चुकी है। भूमि की अनापत्ति के बाद भवन निर्माण करने की बात कही गई है। शिक्षाविद चिरंजी लाल वर्मा, रमेश चंद्र ओली, केशव दत्त ओली, भैरव दत्त ओली, प्रकाश चंद्र, लक्ष्मी दत्त, विवेक ओली, चंद्रशेखर ओली आदि ग्रामीणों ने जल्द से जल्द जमीन से तमाम अनापत्ति दूर करा भवन निर्माण शुरू करवाने की मांग की है।
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