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प्रसूता को मंझधार में छोड़ गई केकेएस
Updated Thu, 27 Sep 2018 10:54 PM IST
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चंपावत। आपात चिकित्सा सेवा 108 के बाद अब खुशियों की सवारी भी लोगों की परेशानी का सबब बन रही है। खुशियों की सवारी ने जच्चा और बच्चे को घर से करीब 23 किमी पहले ही उतार दिया।
भिंगराड़ा के दीपक की पत्नी बबीता (21) ने लोहाघाट अस्पताल में बच्चे का जन्म दिया था। 25 सितंबर को बबीता और उसके नवजात शिशु को खुशियों की सवारी घर छोड़ने आई थी। खुशियों की सवारी ने बबीता को लोहाघाट से करीब 26 किमी दूर धूनाघाट में ही उतार दिया। परिजन इसके बाद धूनाघाट से एक कार दो हजार रुपये में किराए पर लेकर घर आए।
आपात सेवा के जिला समन्वयक रजत उनियाल का कहना है कि जिले में कुल तीन खुशियों की सवारी वाहन हैं। इनमें से लोहाघाट की खुशियों की सवारी वाहन के टायर घिसे हैं। टायरों की मांग की गई है। कमजोर टायर के चलते लोहाघाट की खुशियों की सवारी को 25 किमी तक ही भेजा जा सकता है। इस कारण रास्ते में उतारा गया। इस बात की सूचना परिजनों को पहले ही दे दी गई थी।
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भिंगराड़ा के दीपक की पत्नी बबीता (21) ने लोहाघाट अस्पताल में बच्चे का जन्म दिया था। 25 सितंबर को बबीता और उसके नवजात शिशु को खुशियों की सवारी घर छोड़ने आई थी। खुशियों की सवारी ने बबीता को लोहाघाट से करीब 26 किमी दूर धूनाघाट में ही उतार दिया। परिजन इसके बाद धूनाघाट से एक कार दो हजार रुपये में किराए पर लेकर घर आए।
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आपात सेवा के जिला समन्वयक रजत उनियाल का कहना है कि जिले में कुल तीन खुशियों की सवारी वाहन हैं। इनमें से लोहाघाट की खुशियों की सवारी वाहन के टायर घिसे हैं। टायरों की मांग की गई है। कमजोर टायर के चलते लोहाघाट की खुशियों की सवारी को 25 किमी तक ही भेजा जा सकता है। इस कारण रास्ते में उतारा गया। इस बात की सूचना परिजनों को पहले ही दे दी गई थी।
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