{"_id":"5b521ffb4f1c1b38748b61e9","slug":"181532108795-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल ने नहीं की कोई लापरवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल ने नहीं की कोई लापरवाही
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। जिले के सीमांत सौराई ग्राम पंचायत के सिर के बल गिरे टेहर सिंह (60) को इलाज में कोताही और उनके तिमारदारों के साथ अभद्रता के आरोप को जिला अस्पताल ने सिरे से खारिज किया है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी द्वारा डीएम को भेजे गए पत्र में इलाज में किसी तरह की खामी को खारिज किया गया है।
15 जुलाई को जिला अस्पताल में लाए गए टेहर सिंह की हालत खतरे से बाहर थी। इसलिए ड्यूटी पर तैनात डॉ.रवि कुमार ने चोटिल व्यक्ति को तुरंत रेफर करने के बजाय अस्थि रोग विशेषज्ञ की जांच कराने के बाद रेफर करने की बात कही थी। इसके बाद चोटिल व्यक्ति को रेफर किया गया। जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे नहीं होने के चलते टेहर सिंह को एक्सरे के लिए निजी अस्पताल भेजा गया था।
पत्र में सीएमएस ने कहा कि इलाज में किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं रही और नहीं अस्पताल के किसी कर्मी द्वारा मरीज या तिमारदार से कोई अभद्रता की गई है। कहा कि वार्ड में अधिक मरीज होने से मात्र एक ही बेड खाली था, जिसमें उन्हें भर्ती किया गया। अलबत्ता सीएमएस का कहना है कि कई बार मरीज के तिमारदार डॉक्टर की सलाह के विपरीत खुद ही रेफर की मांग करते हैं। बता दें कि सौराई के लोगों ने 18 जुलाई को डीएम को ज्ञापन देने के साथ प्रदर्शन कर अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
15 जुलाई को जिला अस्पताल में लाए गए टेहर सिंह की हालत खतरे से बाहर थी। इसलिए ड्यूटी पर तैनात डॉ.रवि कुमार ने चोटिल व्यक्ति को तुरंत रेफर करने के बजाय अस्थि रोग विशेषज्ञ की जांच कराने के बाद रेफर करने की बात कही थी। इसके बाद चोटिल व्यक्ति को रेफर किया गया। जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे नहीं होने के चलते टेहर सिंह को एक्सरे के लिए निजी अस्पताल भेजा गया था।
विज्ञापन
पत्र में सीएमएस ने कहा कि इलाज में किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं रही और नहीं अस्पताल के किसी कर्मी द्वारा मरीज या तिमारदार से कोई अभद्रता की गई है। कहा कि वार्ड में अधिक मरीज होने से मात्र एक ही बेड खाली था, जिसमें उन्हें भर्ती किया गया। अलबत्ता सीएमएस का कहना है कि कई बार मरीज के तिमारदार डॉक्टर की सलाह के विपरीत खुद ही रेफर की मांग करते हैं। बता दें कि सौराई के लोगों ने 18 जुलाई को डीएम को ज्ञापन देने के साथ प्रदर्शन कर अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
विज्ञापन