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नगर पालिका क्षेत्र में कराएं शौचालय और मूत्रालय का निर्माण
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:24 PM IST
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चंपावत। नगरपालिका क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों और मूत्रालयों की कमी के कारण व्यापारियों और आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या से परेशान व्यापारियों और नागरिकों ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन देकर पालिका क्षेत्र में शौचालय और मूत्रालय का निर्माण कराने की मांग उठाई है।
व्यापारियों का कहना है कि एक ओर तो स्वच्छ भारत सुंदर भारत का नारा बुलंद किया जा रहा है, दूसरी ओर नगर की सुंदरता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर की स्वच्छता का प्रतिषेध अधिनियम यहां तब तक कारगर साबित नहीं हो सकता, जब तक नगर में जगह-जगह मूत्रालय तथा शौचालयों का निर्माण नहीं हो जाता है।
शौचालय और मूत्रालय का निर्माण नहीं होने के कारण नगर में बाहर से आने वाले यात्रियों, व्यापारियों, खिलाड़ियों और महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा, उपाध्यक्ष दीपक तड़ागी लारा, कोषाध्यक्ष मुकेश गिरि, विजय सिंह, सुनील सिंह, सुनील पुनेठा, कमल सिंह, खिलानंद जोशी, कैलाश चंद्र पांडेय, श्याम सिंह, कृष्णानंद, देवी लाल वर्मा, ईश्वर जोशी, ललित गोस्वामी, चंचल सिंह, प्रकाश साह, भुवन नरियाल आदि शामिल थे।
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पूर्व में बने मूत्रालयों को तोड़ने से बढ़ी दिक्कतें
चंपावत। करीब तीन साल पूर्व अस्तित्व में आई नगरपालिका परिषद की ओर से कूड़े के निस्तारण के लिए विभिन्न वार्डों में कूड़ेदानों का निर्माण तो किया गया है। लेकिन नगर क्षेत्र में एक भी शौचालय अथवा मूत्रालय का निर्माण नहीं कराया गया है।
सतीश जोशी
व्यापारियों का कहना है कि एक ओर तो स्वच्छ भारत सुंदर भारत का नारा बुलंद किया जा रहा है, दूसरी ओर नगर की सुंदरता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर की स्वच्छता का प्रतिषेध अधिनियम यहां तब तक कारगर साबित नहीं हो सकता, जब तक नगर में जगह-जगह मूत्रालय तथा शौचालयों का निर्माण नहीं हो जाता है।
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शौचालय और मूत्रालय का निर्माण नहीं होने के कारण नगर में बाहर से आने वाले यात्रियों, व्यापारियों, खिलाड़ियों और महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा, उपाध्यक्ष दीपक तड़ागी लारा, कोषाध्यक्ष मुकेश गिरि, विजय सिंह, सुनील सिंह, सुनील पुनेठा, कमल सिंह, खिलानंद जोशी, कैलाश चंद्र पांडेय, श्याम सिंह, कृष्णानंद, देवी लाल वर्मा, ईश्वर जोशी, ललित गोस्वामी, चंचल सिंह, प्रकाश साह, भुवन नरियाल आदि शामिल थे।
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पूर्व में बने मूत्रालयों को तोड़ने से बढ़ी दिक्कतें
चंपावत। करीब तीन साल पूर्व अस्तित्व में आई नगरपालिका परिषद की ओर से कूड़े के निस्तारण के लिए विभिन्न वार्डों में कूड़ेदानों का निर्माण तो किया गया है। लेकिन नगर क्षेत्र में एक भी शौचालय अथवा मूत्रालय का निर्माण नहीं कराया गया है।
सतीश जोशी