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पहले पुराने शासनादेश को लागू करो
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:03 PM IST
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चंपावत। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने प्रदेश सरकार द्वारा सेनानियों की पौत्री के विवाह के लिए 50 हजार रुपये की राशि देने के निर्णय को सेनानियों का सम्मान बताया है। लेकिन इस एलान से पूर्व पहले से हुए शासनादेश के क्रियान्वयन की मांग की है।
सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी और गुमान सिंह प्रथोली का कहना है कि सितंबर 2016 में सेनानी कुटुंब पेंशन योजना का शासनादेश हुआ था। जिसके अंतर्गत पहली पीढ़ी के उत्तराधिकारी को चार हजार रुपये मासिक पेंशन दिए जाने का प्रावधान था। लेकिन वित्त मंत्रालय के अनुमोदन के बावजूद 9 माह से अधिक समय बीतने पर भी इस पेंशन का लाभ नहीं मिल सका है। कई बार आवाज उठाने के बाद भी प्रशासन द्वारा इसकी प्रक्रिया तक कायदे से शुरू नहीं की गई है। संगठन ने कहा कि सरकार सेनानी पौत्रियों के विवाह की राशि के क्रियान्वयन से पूर्व सेनानी कु टुंब पेंशन योजना का लाभ दे। इसके अलावा संगठन ने हर विकासखंड में सेनानियों की मूर्ति लगाने, सेनानियों के नाम पर स्कूल व अस्पताल के नाम रखने सहित कई मांगें उठाई।
सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी और गुमान सिंह प्रथोली का कहना है कि सितंबर 2016 में सेनानी कुटुंब पेंशन योजना का शासनादेश हुआ था। जिसके अंतर्गत पहली पीढ़ी के उत्तराधिकारी को चार हजार रुपये मासिक पेंशन दिए जाने का प्रावधान था। लेकिन वित्त मंत्रालय के अनुमोदन के बावजूद 9 माह से अधिक समय बीतने पर भी इस पेंशन का लाभ नहीं मिल सका है। कई बार आवाज उठाने के बाद भी प्रशासन द्वारा इसकी प्रक्रिया तक कायदे से शुरू नहीं की गई है। संगठन ने कहा कि सरकार सेनानी पौत्रियों के विवाह की राशि के क्रियान्वयन से पूर्व सेनानी कु टुंब पेंशन योजना का लाभ दे। इसके अलावा संगठन ने हर विकासखंड में सेनानियों की मूर्ति लगाने, सेनानियों के नाम पर स्कूल व अस्पताल के नाम रखने सहित कई मांगें उठाई।
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