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स्टैंड पोस्ट का स्थान बदलने से भड़के बिल्दे के ग्रामीण
Updated Tue, 29 May 2018 11:04 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। पुलहिंडोला में निर्माणाधीन मिनी ट्यूबवेल से बिल्दे टुनकांडे में प्रस्तावित स्टैंड पोस्ट को दूसरी जगह लगाने पर ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सामाजिक कार्यकर्त्ता देवकीनंदन जोशी के नेतृत्व में उन्होंने मंगलवार को खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया। कहा कि अगर एक हफ्ते के अंदर स्टैंड पोस्ट तय जगह पर ही नहीं लगाया गया तो वह डीएम कार्यालय में प्रदर्शन करेंगे। गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लोग नौलों, गधेरों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
कार्यदायी संस्था जल निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में पुलहिंडोला में निर्माणाधीन मिनी ट्यूबवेल में बिल्दे टमटकांडे के पंचायतघर के पास स्टैंड पोस्ट प्रस्तावित किया गया था। इस पोस्ट से यहां के 16 परिवारों को लाभ मिलता था। आरोप लगाया कि विभागीय कर्मचारियों ने मिलीभगत कर चयनित स्थान पर स्टैंड पोस्ट न लगाकर स्यूरा तोक में लगा दिया गया है। इस कारण टुनकांडे के लोग पेयजल योजना के लाभ से वंचित हो गए हैं। पानी न होने के कारण लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। नौलों-गधेरों के दूषित पानी से बीमारियों का भी खतरा पैदा हो गया है। प्रदर्शन करने वालों में दीपा जोशी, डूंगरदेव, पुरुषोत्तम, रमेश दत्त, हरीशचंद्र, लक्ष्मी देवी, ऊषादेवी, मंजू, जानकी, ललित, बसंत आदि शामिल थे। इधर जल निगम के अधिशासी अभियंता एचसी भारती का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
गंदा पानी पीने की मजबूरी
चंपावत। बिसजूल क्षेत्र के बड़पास गांव में पानी की योजना एक महीने से खराब है। गांव को पानी की सप्लाई फुटलिंग मंदिर के धारे से हो रही है। योजना के पाइपों में मलबा जाने से पानी बहुत कम और गंदा आ रहा है और लोग वहीं पानी पीने को मजबूर है।
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गांव के सामाजिक कार्यकर्त्ता उमेश चंद्र का कहना है कि गांव के 59 परिवार पानी के लिए परेशान हैं। कई बार जल संस्थान से शिकायत कर चुके हैं लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। एक हफ्ते में योजना की मरम्मत नहीं हुई तो मामले को तहसील दिवस में उठाया जाएगा। वहीं मैरोली, कालूखाड़ और दिखोलज को पानी की सप्लाई करने वाले सिद्ध नरसिंह धारे में पानी कम होने से नलों में पानी बेहद कम हो गया है। ग्रामीणों ने जल संस्थान के लाइनमैन पर वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
उधर जिला मुख्यालय में भी पानी का संकट जारी है। प्रभावित इलाकों में टैंकर और पिकअप के जरिए पानी बांटा जा रहा है। अपर सहायक अभियंता किशोर पंत ने बताया कि रौखेत समेत जिला मुख्यालय के तीन अन्य स्रोतों में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को मोटर स्टेशन, पिथौरागढ़ रोड, जीआईसी रोड, कनलगांव, मादली, छतार, टनकपुर रोड, गोरलचौड़, तल्लीहाट, मल्लीहाट में विभागीय टैंकर के जरिए पानी बांटा गया। ललुवापानी, दुधाधारी, छीड़ापानी स्रोत में 40 से 60 फीसदी की कमी आई है। रौखेत स्रोत में पहले ही 90 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
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कार्यदायी संस्था जल निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में पुलहिंडोला में निर्माणाधीन मिनी ट्यूबवेल में बिल्दे टमटकांडे के पंचायतघर के पास स्टैंड पोस्ट प्रस्तावित किया गया था। इस पोस्ट से यहां के 16 परिवारों को लाभ मिलता था। आरोप लगाया कि विभागीय कर्मचारियों ने मिलीभगत कर चयनित स्थान पर स्टैंड पोस्ट न लगाकर स्यूरा तोक में लगा दिया गया है। इस कारण टुनकांडे के लोग पेयजल योजना के लाभ से वंचित हो गए हैं। पानी न होने के कारण लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। नौलों-गधेरों के दूषित पानी से बीमारियों का भी खतरा पैदा हो गया है। प्रदर्शन करने वालों में दीपा जोशी, डूंगरदेव, पुरुषोत्तम, रमेश दत्त, हरीशचंद्र, लक्ष्मी देवी, ऊषादेवी, मंजू, जानकी, ललित, बसंत आदि शामिल थे। इधर जल निगम के अधिशासी अभियंता एचसी भारती का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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गंदा पानी पीने की मजबूरी
चंपावत। बिसजूल क्षेत्र के बड़पास गांव में पानी की योजना एक महीने से खराब है। गांव को पानी की सप्लाई फुटलिंग मंदिर के धारे से हो रही है। योजना के पाइपों में मलबा जाने से पानी बहुत कम और गंदा आ रहा है और लोग वहीं पानी पीने को मजबूर है।
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गांव के सामाजिक कार्यकर्त्ता उमेश चंद्र का कहना है कि गांव के 59 परिवार पानी के लिए परेशान हैं। कई बार जल संस्थान से शिकायत कर चुके हैं लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। एक हफ्ते में योजना की मरम्मत नहीं हुई तो मामले को तहसील दिवस में उठाया जाएगा। वहीं मैरोली, कालूखाड़ और दिखोलज को पानी की सप्लाई करने वाले सिद्ध नरसिंह धारे में पानी कम होने से नलों में पानी बेहद कम हो गया है। ग्रामीणों ने जल संस्थान के लाइनमैन पर वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
उधर जिला मुख्यालय में भी पानी का संकट जारी है। प्रभावित इलाकों में टैंकर और पिकअप के जरिए पानी बांटा जा रहा है। अपर सहायक अभियंता किशोर पंत ने बताया कि रौखेत समेत जिला मुख्यालय के तीन अन्य स्रोतों में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को मोटर स्टेशन, पिथौरागढ़ रोड, जीआईसी रोड, कनलगांव, मादली, छतार, टनकपुर रोड, गोरलचौड़, तल्लीहाट, मल्लीहाट में विभागीय टैंकर के जरिए पानी बांटा गया। ललुवापानी, दुधाधारी, छीड़ापानी स्रोत में 40 से 60 फीसदी की कमी आई है। रौखेत स्रोत में पहले ही 90 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।