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उतराखंड, यूपी की परिसंपतियों के बंटवारे की उम्मीद बढ़ी
Updated Sun, 06 May 2018 10:56 PM IST
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बनबसा (चंपावत)।
यूपी सिंचाई विभाग के कब्जे वाली भूमि में से करीब 167 हेक्टेयर भूमि शीघ्र ही उत्तराखंड को हस्तांतरित होने की संभावना है। इसके लिए यूपी सिंचाई विभाग ने कसरत करनी शुरू कर दी है। उम्मीद है कि दस मई को चंपावत के डीएम यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बनबसा पहुंचकर यूपी सिंचाई विभाग के कब्जे वाली राज्य की भूमि का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। बीते दिवस यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स कर्मियों ने अपने कब्जे वाली उत्तराखंड की भूमि की पैमाइश भी की है।
पिछले वर्ष उत्तराखंड और यूपी के बीच सचिव स्तर पर हुई वार्ता में यूपी ने उत्तराखंड के कब्जे वाली भूमि से 25 प्रतिशत भूमि उत्तराखंड को देने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में उम्मीद की जा रही है जल्द ही चंपावत के डीएम डॉ. इकबाल अहमद बनबसा पहुंचकर यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उत्तराखंड को दी जाने वाली भूमि का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इस मौके पर यूपी सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता समेत कई अधिकारी भी यहां मौजूद रहेंगे।
वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से अब तक दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्तियों का बंटवारा अटका है। राज्य गठन के समय यूपी, केंद्र और नवोदित राज्य तीनों में भाजपा की सरकारें थीं, लेकिन परिसंपत्तियों का बंटवारा नहीं हो पाया था। मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा। न्यायालय ने शासन स्तर पर मामले को सुलझाने के निर्देश जारी किए थे। बता दें कि बनबसा में शारदा बैराज, उससे निकली सिंचाई नहर, कार्यालय, आवासीय परिसर के अलावा वनक्षेत्र और बागान की कुल मिलाकर 2209.94 हेक्टेयर भूमि यूपी के कब्जे में है। इसमें से 93.83 हेक्टेयर पर शारदा बैराज और आवासीय परिसर, 909.75 हेक्टेयर पर वन, बागान और अवैध कब्जे हैं।
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शारदा नहर में प्रयुक्त 1430.96 हेक्टेयर भूमि पर आज भी यूपी का ही कब्जा है। संभावना है कि फिलहाल यूपी सिंचाई विभाग का बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स करीब 167 हेक्टेयर भूमि उत्तराखंड को सौंपेगा। इसमें दो दर्जन से अधिक आवास और कुछ गोदाम भी शामिल हैं, जबकि 25 प्रतिशत के हिसाब से उत्तराखंड को 552.48 हेक्टेयर भूमि दी जानी चाहिए। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि फिलहाल उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कसरत की जा रही है। पूरी स्थिति चंपावत के जिलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
यूपी सिंचाई विभाग के कब्जे वाली भूमि में से करीब 167 हेक्टेयर भूमि शीघ्र ही उत्तराखंड को हस्तांतरित होने की संभावना है। इसके लिए यूपी सिंचाई विभाग ने कसरत करनी शुरू कर दी है। उम्मीद है कि दस मई को चंपावत के डीएम यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बनबसा पहुंचकर यूपी सिंचाई विभाग के कब्जे वाली राज्य की भूमि का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। बीते दिवस यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स कर्मियों ने अपने कब्जे वाली उत्तराखंड की भूमि की पैमाइश भी की है।
पिछले वर्ष उत्तराखंड और यूपी के बीच सचिव स्तर पर हुई वार्ता में यूपी ने उत्तराखंड के कब्जे वाली भूमि से 25 प्रतिशत भूमि उत्तराखंड को देने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में उम्मीद की जा रही है जल्द ही चंपावत के डीएम डॉ. इकबाल अहमद बनबसा पहुंचकर यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उत्तराखंड को दी जाने वाली भूमि का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इस मौके पर यूपी सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता समेत कई अधिकारी भी यहां मौजूद रहेंगे।
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वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से अब तक दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्तियों का बंटवारा अटका है। राज्य गठन के समय यूपी, केंद्र और नवोदित राज्य तीनों में भाजपा की सरकारें थीं, लेकिन परिसंपत्तियों का बंटवारा नहीं हो पाया था। मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा। न्यायालय ने शासन स्तर पर मामले को सुलझाने के निर्देश जारी किए थे। बता दें कि बनबसा में शारदा बैराज, उससे निकली सिंचाई नहर, कार्यालय, आवासीय परिसर के अलावा वनक्षेत्र और बागान की कुल मिलाकर 2209.94 हेक्टेयर भूमि यूपी के कब्जे में है। इसमें से 93.83 हेक्टेयर पर शारदा बैराज और आवासीय परिसर, 909.75 हेक्टेयर पर वन, बागान और अवैध कब्जे हैं।
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शारदा नहर में प्रयुक्त 1430.96 हेक्टेयर भूमि पर आज भी यूपी का ही कब्जा है। संभावना है कि फिलहाल यूपी सिंचाई विभाग का बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स करीब 167 हेक्टेयर भूमि उत्तराखंड को सौंपेगा। इसमें दो दर्जन से अधिक आवास और कुछ गोदाम भी शामिल हैं, जबकि 25 प्रतिशत के हिसाब से उत्तराखंड को 552.48 हेक्टेयर भूमि दी जानी चाहिए। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि फिलहाल उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कसरत की जा रही है। पूरी स्थिति चंपावत के जिलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।