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मत्स्यपालन अपनाएं मुनाफा कमाएं:पांगती
Updated Sun, 30 Jul 2017 10:58 PM IST
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चंपावत। जलजीव बीमारियों पर राष्ट्रीय निगरानी परियोजना (नासपैड) के अंतर्गत शीतजल मत्स्य पालन में रोग प्रबंधन विषय पर आयोजित एक दिवसीय जन-जागरण व प्रशिक्षण कार्यक्रम में मत्स्य तालाबों में पाई जाने वाली बीमारियों और उसके निदान के लिए अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि भारतीय स्टेट बैक के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती ने बदलते समय के साथ खेती के तौर-तरीकों में बदलाव के अलावा मुनाफे के लिए मच्छी पालन अपनाने पर जोर दिया। इस मौके पर किसानों को प्रशिक्षण किट, उन्नत मत्स्य बीज एवं दवा दी गई।
परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ.सुरेश चंद्रा सहित अन्य वैज्ञानिकों ने मछलियों स्वस्थ्य और उनके तालाबों को स्वच्छ रखने के सरल उपाय सुझाए। मत्स्य पालकों को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के कई दूसरे जिलों में हो रहे कार्यों की जानकारी दी। बीमारियों से होने वाले नुकसान के मद्देनजर सुरक्षागत उपाय बताए गए। वैज्ञानिक एसके मलिक, डॉ.आरएस हलदार, रितेश टंडेल, एके गिरि, राजा आदिल आदि ने मत्स्य स्वस्थ्य प्रबंधन, एकीकृत मत्स्य पालन में होने वाली मत्स्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों व इलाज की जानकारी दी।
मत्स्य पालक लक्ष्मण सिंह, रघुवर दत्त मुरारी, कृष्णानंद गहतोड़ी, पीतांबर गहतोड़ी ने अपने अनुभव बताए। कार्यक्रम में 50 मत्स्य पालकों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर परवेज अहमद, किशोर कुणाल, रवींद्र कुमार, हंसा दत्त, भोला दत्त, बसंती, धर्म सिंह, पुष्पा गोस्वामी, भवानी देवी, आनंदी देवी, ईश्वरी दत्त, चंद्रमणि जोशी, गंगादत्त, रामदत्त आदि मौजूद थे।
परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ.सुरेश चंद्रा सहित अन्य वैज्ञानिकों ने मछलियों स्वस्थ्य और उनके तालाबों को स्वच्छ रखने के सरल उपाय सुझाए। मत्स्य पालकों को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के कई दूसरे जिलों में हो रहे कार्यों की जानकारी दी। बीमारियों से होने वाले नुकसान के मद्देनजर सुरक्षागत उपाय बताए गए। वैज्ञानिक एसके मलिक, डॉ.आरएस हलदार, रितेश टंडेल, एके गिरि, राजा आदिल आदि ने मत्स्य स्वस्थ्य प्रबंधन, एकीकृत मत्स्य पालन में होने वाली मत्स्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों व इलाज की जानकारी दी।
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मत्स्य पालक लक्ष्मण सिंह, रघुवर दत्त मुरारी, कृष्णानंद गहतोड़ी, पीतांबर गहतोड़ी ने अपने अनुभव बताए। कार्यक्रम में 50 मत्स्य पालकों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर परवेज अहमद, किशोर कुणाल, रवींद्र कुमार, हंसा दत्त, भोला दत्त, बसंती, धर्म सिंह, पुष्पा गोस्वामी, भवानी देवी, आनंदी देवी, ईश्वरी दत्त, चंद्रमणि जोशी, गंगादत्त, रामदत्त आदि मौजूद थे।
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