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2500 चित्रकारों ने तिरंगा बना शहीदों को श्रद्धांजलि दी
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लोहाघाट (चंपावत)। कंस्टीट्यूशनल क्लब ऑफ इंडिया और मिशन ऑफ यूनिटी की ओर से देश के शहीदों को श्रद्धांजलि देने और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भारत का नाम दर्ज करने के उद्देश्य से तिरंगा बनाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
30 जून को लाल किले में आयोजित इस कार्यक्रम में चंपावत जिले के जीआईसी खेतीखान के कला शिक्षक हरीश चंद्र गहतोड़ी, चित्रकार प्रकाश उपाध्याय, अमर चौधरी और कनिका विश्नोई ने भी शिरकत की।
कार्यक्रम में देश के 36 राज्यों के 2500 चित्रकारों ने हिस्सा लेकर तिरंगे बनाए। शिक्षक गहतोड़ी ने बताया कि आज तक किसी भी देश के ढाई हजार चित्रकारों ने एक साथ अपने देश का राष्ट्रीय ध्वज नहीं बनाया था। भारत के चित्रकारों ने एक साथ तिरंगों का निर्माण कर विश्व में भारत को एक अलग पहचान दिलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है।
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लाल किले में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति गुजरात में स्टेच्यु ऑफ यूनिटी तैयार करने के कार्य का निर्देशन करने वाले पद्म विभूषण रामवीर सुतार ने किया।
उत्तराखंड से शमिल होने वाले सभी लोगों को आयोजक मंडल ने मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। कार्यक्रम में शिरकत करने पर प्रधानाचार्य गोकुल जोशी, सीईओ आरसी पुरोहित, डीईओ माध्यमिक डीएस राजपूत, डीईओ बेसिक सत्यनारायण आदि ने उन्हें बधाई दी है।
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30 जून को लाल किले में आयोजित इस कार्यक्रम में चंपावत जिले के जीआईसी खेतीखान के कला शिक्षक हरीश चंद्र गहतोड़ी, चित्रकार प्रकाश उपाध्याय, अमर चौधरी और कनिका विश्नोई ने भी शिरकत की।
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कार्यक्रम में देश के 36 राज्यों के 2500 चित्रकारों ने हिस्सा लेकर तिरंगे बनाए। शिक्षक गहतोड़ी ने बताया कि आज तक किसी भी देश के ढाई हजार चित्रकारों ने एक साथ अपने देश का राष्ट्रीय ध्वज नहीं बनाया था। भारत के चित्रकारों ने एक साथ तिरंगों का निर्माण कर विश्व में भारत को एक अलग पहचान दिलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है।
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लाल किले में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति गुजरात में स्टेच्यु ऑफ यूनिटी तैयार करने के कार्य का निर्देशन करने वाले पद्म विभूषण रामवीर सुतार ने किया।
उत्तराखंड से शमिल होने वाले सभी लोगों को आयोजक मंडल ने मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। कार्यक्रम में शिरकत करने पर प्रधानाचार्य गोकुल जोशी, सीईओ आरसी पुरोहित, डीईओ माध्यमिक डीएस राजपूत, डीईओ बेसिक सत्यनारायण आदि ने उन्हें बधाई दी है।