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लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी उन्हें खींच लाई...
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चंपावत। घर से दूर के वोटरों को उनकी जिम्मेदारी उन्हें मतदान केंद्र तक खींच लाई। यह मतदाता अपने घर पहुंचे और मतदान करके वापस अपने कार्यस्थल रवाना हुए। एक युवक को चंपावत आने के लिए कोई वाहन नहीं मिला, तो उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए खेतीखान से चंपावत की 12 किलोमीटर की पैदल दूरी तय की।
हल्द्वानी में निजी व्यवसाय करने वाले राजू शर्मा, खेतीखान में कार्यरत हरीश उप्रेती और देहरादून में कानून की पढ़ाई कर रहे गौरव पांडेय चंपावत से दूर थे। मगर लोकतंत्र के प्रति इनकी आस्था इस कदर गहरी है, कि वे लंबी दूरी लांघकर यहां पहुंच मतदान केंद्र तक पहुंच गए। खेतीखान के हरीश उप्रेती ने वाहन नहीं मिलने पर पैदल ही दूरी को लांघा।
इस दूरी को उन्होंने सवा दो घंटे से अधिक समय में तय किया। वहीं हल्द्वानी रहने वाले राजू शर्मा और देहरादून में पढ़ाई कर रहे गौरव पांडेय भी अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी को निभाने वाहनों के जरिये यहां पहुंचे।
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इन लोगों का कहना है कि हर वोट की कीमत है। इससे ही लोकतंत्र मजबूत होता है। बस इसी जिम्मेदारी को अदा करने के लिए वे यहां पहुंचे हैं। मुद्दों के आधार पर उन्होंने वोट दिया है।
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हल्द्वानी में निजी व्यवसाय करने वाले राजू शर्मा, खेतीखान में कार्यरत हरीश उप्रेती और देहरादून में कानून की पढ़ाई कर रहे गौरव पांडेय चंपावत से दूर थे। मगर लोकतंत्र के प्रति इनकी आस्था इस कदर गहरी है, कि वे लंबी दूरी लांघकर यहां पहुंच मतदान केंद्र तक पहुंच गए। खेतीखान के हरीश उप्रेती ने वाहन नहीं मिलने पर पैदल ही दूरी को लांघा।
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इस दूरी को उन्होंने सवा दो घंटे से अधिक समय में तय किया। वहीं हल्द्वानी रहने वाले राजू शर्मा और देहरादून में पढ़ाई कर रहे गौरव पांडेय भी अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी को निभाने वाहनों के जरिये यहां पहुंचे।
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इन लोगों का कहना है कि हर वोट की कीमत है। इससे ही लोकतंत्र मजबूत होता है। बस इसी जिम्मेदारी को अदा करने के लिए वे यहां पहुंचे हैं। मुद्दों के आधार पर उन्होंने वोट दिया है।