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मौड़ा गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप
Updated Wed, 18 Apr 2018 11:04 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट विकासखंड के मौड़ा गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला है। छह बच्चों सहित दस लोग बीमार पड़ गए। रोग फैलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को मौके पर पहुंच कर इलाज शुरू किया। लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. वीके जोशी ने बताया कि दूषित पानी पीने से लोग बीमार हुए हैं। उनकी हालत में सुधार है।
गांव की आशा कार्यकर्ता विमला गोस्वामी द्वारा स्वास्थ्य विभाग को दी गई जानकारी के बाद विभाग की टीम बुधवार को मौके पर पहुंची। लोहाघाट अस्पताल से फार्मेसिस्ट मनोज कुमार और प्रेम राम टम्टा ने मौड़ा गांव जाकर 40 से अधिक लोगों की जांच की। डेढ़ से 14 वर्ष की उम्र तक के छह बच्चे विकास, हिमांशु, आरूषि, दिया, सीमा, आयशा के अलावा चार अन्य लोगों में उल्टी व दस्त की शिकायत पाई गई। ये सभी लोग ग्राम पंचायत मौड़ा के वार्ड नंबर 2, 3 के रहने वाले हैं। टीम ने गांव के लोगों का इलाज कर जरूरी दवाएं, क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस किट वितरित किया। उन्होंने ग्रामीणों को दूषित जल से होने वाली बीमारियों की जानकारी देने के साथ उसके रोकथाम के उपाय बताए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर उल्टी-दस्त से पीड़ित लोगों और बच्चों का इलाज किया गया। गांव में अब स्थिति सामान्य है। विभाग की टीम ने गांव में क्लोरिनेशन करवाने के बाद ओआरएस के पैकेट और आवश्यक दवाएं वितरित कर दी हैं।
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- डॉ. वीके जोशी, सीएमएस, लोहाघाट।
नहीं होती है टैंक की नियमित सफाई
मौड़ा के ग्राम प्रधान खीमनाथ का आरोप है कि स्वजल द्वारा कुछ समय पूर्व बनाई गई डेढ़ किमी लंबी पेयजल योजना के टैंक की नियमित सफाई नहीं होती है। इस कारण मौड़ा व पोखरी में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इसी के चलते लोग बीमार हुए। अलबत्ता अब विभाग ने इस टैंक को साफ करने की बात कही है।
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गांव की आशा कार्यकर्ता विमला गोस्वामी द्वारा स्वास्थ्य विभाग को दी गई जानकारी के बाद विभाग की टीम बुधवार को मौके पर पहुंची। लोहाघाट अस्पताल से फार्मेसिस्ट मनोज कुमार और प्रेम राम टम्टा ने मौड़ा गांव जाकर 40 से अधिक लोगों की जांच की। डेढ़ से 14 वर्ष की उम्र तक के छह बच्चे विकास, हिमांशु, आरूषि, दिया, सीमा, आयशा के अलावा चार अन्य लोगों में उल्टी व दस्त की शिकायत पाई गई। ये सभी लोग ग्राम पंचायत मौड़ा के वार्ड नंबर 2, 3 के रहने वाले हैं। टीम ने गांव के लोगों का इलाज कर जरूरी दवाएं, क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस किट वितरित किया। उन्होंने ग्रामीणों को दूषित जल से होने वाली बीमारियों की जानकारी देने के साथ उसके रोकथाम के उपाय बताए।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर उल्टी-दस्त से पीड़ित लोगों और बच्चों का इलाज किया गया। गांव में अब स्थिति सामान्य है। विभाग की टीम ने गांव में क्लोरिनेशन करवाने के बाद ओआरएस के पैकेट और आवश्यक दवाएं वितरित कर दी हैं।
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- डॉ. वीके जोशी, सीएमएस, लोहाघाट।
नहीं होती है टैंक की नियमित सफाई
मौड़ा के ग्राम प्रधान खीमनाथ का आरोप है कि स्वजल द्वारा कुछ समय पूर्व बनाई गई डेढ़ किमी लंबी पेयजल योजना के टैंक की नियमित सफाई नहीं होती है। इस कारण मौड़ा व पोखरी में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इसी के चलते लोग बीमार हुए। अलबत्ता अब विभाग ने इस टैंक को साफ करने की बात कही है।