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नकदी संकट से जूझ रहे बैंक, टनकपुर से लिए 3.50 करोड़
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:08 PM IST
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चंपावत। चंपावत जिले की अधिकांश बैंक शाखाएं नकदी के संकट से जूझ रहे हैं। कैश चेस्ट में धन नहीं होने से जिले की पहाड़ी हिस्सों के ज्यादातर शाखाओं में नकदी की कमी हो रही है। इस वजह से ग्राहकों को पर्याप्त रकम नहीं मिल पा रही है। वहीं भारतीय स्टेट बैंक की चंपावत शाखा के मुख्य प्रबंधक एनआर जौहरी ने बताया कि नकदी की कमी से निपटने के लिए टनकपुर की कैश चेस्ट से मंगलवार को 3.50 करोड़ रुपये लिए।
इस रकम से छिटपुट काम चल रहा है। मगर नकदी का संकट बना हुआ है। इसके अलावा पिथौरागढ़ सहित कुछ अन्य बैंक शाखाओं से धन मंगाने का प्रयास किया जा रहा है। भारतीय रिर्जव बैंक के कानपुर कार्यालय से 200 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। मगर यह राशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। धन की कमी से क्षेत्र के 35 एटीएम में से 26 खाली हैं। नकदी की कमी से लोगों को परेशानी हो रही है।
चंपावत कैश चेस्ट में पांच मार्च को 30 करोड़ और 15 मार्च को 14.60 करोड़ रुपये मिले। मगर मार्च के अंतिम सप्ताह को इनमें से आठ करोड़ रुपये एसबीआई की सितारगंज शाखा भेज दिए गए। अगर यह रकम न भेजी होती, तो संकट इस कदर गहराया न होता।
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कोट
आरबीआई से धन नहीं मिलने से नकदी की किल्लत हो रही है। इस संकट को दूर करने के लिए वे भारतीय रिजर्व बैंक कार्यालय को पत्र भेज रहे हैं। धन नहीं मिलने तक दूसरी जगहों से नकदी मंगाने सहित अन्य वैकल्पिक उपाय पर विचार किया जा रहा है।
आनंद सिंह रावत, लीड बैंक प्रबंधक, चंपावत।
इस रकम से छिटपुट काम चल रहा है। मगर नकदी का संकट बना हुआ है। इसके अलावा पिथौरागढ़ सहित कुछ अन्य बैंक शाखाओं से धन मंगाने का प्रयास किया जा रहा है। भारतीय रिर्जव बैंक के कानपुर कार्यालय से 200 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। मगर यह राशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। धन की कमी से क्षेत्र के 35 एटीएम में से 26 खाली हैं। नकदी की कमी से लोगों को परेशानी हो रही है।
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चंपावत कैश चेस्ट में पांच मार्च को 30 करोड़ और 15 मार्च को 14.60 करोड़ रुपये मिले। मगर मार्च के अंतिम सप्ताह को इनमें से आठ करोड़ रुपये एसबीआई की सितारगंज शाखा भेज दिए गए। अगर यह रकम न भेजी होती, तो संकट इस कदर गहराया न होता।
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आरबीआई से धन नहीं मिलने से नकदी की किल्लत हो रही है। इस संकट को दूर करने के लिए वे भारतीय रिजर्व बैंक कार्यालय को पत्र भेज रहे हैं। धन नहीं मिलने तक दूसरी जगहों से नकदी मंगाने सहित अन्य वैकल्पिक उपाय पर विचार किया जा रहा है।
आनंद सिंह रावत, लीड बैंक प्रबंधक, चंपावत।