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बंजर पड़े खेतों को फिर से आबाद किए जाने की मांग
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:06 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। यहां बिशुंग क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ाने और बंजर पड़े खेतों को फिर से आबाद करने के लिए जैविक खाद के पक्के गड्ढों और सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र सिंह महरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा है। एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में माहरा ने कहा है कि 20 गांव बिशुंग कृषि क्षेत्र में अत्यधिक पिछड़ा हुआ है।
ज्यादातर उपजाऊ खेत बंजर पड़े हुए हैं। जागरूकता के अभाव में पशु पालक गोमूत्र को बर्बाद कर रहे हैं। पक्के गड्ढे के अभाव गोबर और गो मूत्र सही प्रकार से सड़-गल नहीं पाता है। जिसके कारण खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ नहीं पा रही है। महरा ने कहा कि बिशुंग क्षेत्र के चारों ओर करीब चार-पांच नदियां बहती हैं, जिसमें पर्याप्त पानी भी है। जगह जगह तटबंध बनाकर पानी रोकने की व्यवस्था करने की मांग की है। जिससे यहां के लोगों को पलायन से रोका जा सकता है। सिंचाई सुविधा और जैविक खाद के पक्के गड्ढे बनाने से जहां किसानों को इसका लाभ मिलेगा, वहीं उनका रुख खेतीबाड़ी की ओर होने से पलायन पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है।
ज्यादातर उपजाऊ खेत बंजर पड़े हुए हैं। जागरूकता के अभाव में पशु पालक गोमूत्र को बर्बाद कर रहे हैं। पक्के गड्ढे के अभाव गोबर और गो मूत्र सही प्रकार से सड़-गल नहीं पाता है। जिसके कारण खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ नहीं पा रही है। महरा ने कहा कि बिशुंग क्षेत्र के चारों ओर करीब चार-पांच नदियां बहती हैं, जिसमें पर्याप्त पानी भी है। जगह जगह तटबंध बनाकर पानी रोकने की व्यवस्था करने की मांग की है। जिससे यहां के लोगों को पलायन से रोका जा सकता है। सिंचाई सुविधा और जैविक खाद के पक्के गड्ढे बनाने से जहां किसानों को इसका लाभ मिलेगा, वहीं उनका रुख खेतीबाड़ी की ओर होने से पलायन पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है।
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