{"_id":"5bd88eebbdec2269745577a8","slug":"141540919019-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा मजदूरों को सितंबर से नहीं मिली मजदूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा मजदूरों को सितंबर से नहीं मिली मजदूरी
Updated Tue, 30 Oct 2018 10:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। जिले में मनरेगा मजदूरों को सितंबर से मजदूरी नहीं मिल पाई है। वर्तमान में जिले में 10684 लोगों के पास मनरेगा जॉबकार्ड हैं, इसमें से 5823 मजदूरों ने रोजगार मांगा है।
मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों को 2018 में अब तक तीन करोड़ 70 लाख मजदूरी तथा एक करोड़ 85 लाख सामग्री मद में दिया गया है। लेकिन मजदूरों को एक महीने से मजदूरी नहीं मिलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में मजदूरों को 175 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाती है। जिस कारण मनरेगा में कार्य करने के लिए मजदूरों की संख्या प्रतिदिन घटती जा रही है।
1050 मजदूरों को नहीं मिली मजदूरी
मनरेगा में काम कर रहे 1050 मजदूरों को सितंबर से मजदूरी नहीं मिल पाई है। इसके चलते मजदूरों को दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। वर्तमान में 62 लाख 70 हजार मजदूरी और सात लाख 54 हजार रुपये सामग्री मद की धनराशि नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन
सितंबर से 1050 मजदूरों की मजदूरी रुकी है। वर्तमान में जिले में 10684 जॉबकार्ड धारक है। जिसमें से 5823 मजदूर रोजगार कर रहे है।
- अमित पांडेय, डीपीओ, मनरेगा, चंपावत।
विज्ञापन
मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों को 2018 में अब तक तीन करोड़ 70 लाख मजदूरी तथा एक करोड़ 85 लाख सामग्री मद में दिया गया है। लेकिन मजदूरों को एक महीने से मजदूरी नहीं मिलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में मजदूरों को 175 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाती है। जिस कारण मनरेगा में कार्य करने के लिए मजदूरों की संख्या प्रतिदिन घटती जा रही है।
विज्ञापन
1050 मजदूरों को नहीं मिली मजदूरी
मनरेगा में काम कर रहे 1050 मजदूरों को सितंबर से मजदूरी नहीं मिल पाई है। इसके चलते मजदूरों को दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। वर्तमान में 62 लाख 70 हजार मजदूरी और सात लाख 54 हजार रुपये सामग्री मद की धनराशि नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन
सितंबर से 1050 मजदूरों की मजदूरी रुकी है। वर्तमान में जिले में 10684 जॉबकार्ड धारक है। जिसमें से 5823 मजदूर रोजगार कर रहे है।
- अमित पांडेय, डीपीओ, मनरेगा, चंपावत।