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खाई में मलबा फेंकने वाली कंपनी को 15 दिन में देना होगा जवाब
Updated Fri, 22 Dec 2017 10:57 PM IST
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में बारहमासी (ऑल वैदर) सड़क में कटिंग के दौरान मलबे को डंपिंग जोन के बजाय खाई में फेंकने वाली कंपनी के खिलाफ उप जिला मजिस्ट्रेट ने धारा 133 (सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही हादसे का अंदेशा और यातायात प्रभावित होना) के अंतर्गत शुक्रवार को नोटिस जारी किया है। कंपनी को 15 दिन के भीतर जवाब देने के आदेश दिए गए हैं।
बृहस्पतिवार शाम को एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने चंपावत से करीब नौ किलोमीटर दूर बनलेचा के नजदीक दो जगहों पर सड़क कटिंग के मलबे को डंपिंग क्षेत्र के बजाय खाई में फेंक वन संपदा को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एक जेसीबी और दो डंपर सीज कर दिए थे। दूसरी तरफ एसडीएम ने बिना पंजीकरण सड़क की कटिंग करते मिले एक डंपर पर जुर्माने की कार्यवाही के लिए पत्रावली एआरटीओ को भेजी है। एआरटीओ रश्मि भट्ट का कहना है कि पंजीकरण के बगैर वाहन के संचालन पर आमतौर पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।
इस मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) खंड के लोहाघाट के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि बनलेख के आसपास का ज्यादातर हिस्सा वन क्षेत्र है। वन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर डंपिंग जोन के साथ ही कायदे-कानून के क्रियान्वयन को सुनिश्चित कराया जाएगा। इधर शिवालिक कंपनी के प्रतिनिधियों का कहना है कि सड़क की कटिंग में निर्धारित नियमों का पालन कराया जा रहा है। किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए अब कंपनी निगरानी तंत्र को और अधिक सशक्त करेगी।
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कार्रवाई से मचा हड़कंप
चंपावत। बारहमासी सड़क में दो दिन के भीतर प्रशासन द्वारा की गई दो कार्रवाई से काम कराने वाली कंपनियों में हड़कंप मचा है। और इसका असर भी नजर आ रहा है। शुक्रवार को बारहमासी सड़क की कटिंग में मलबे को फेंकने में भरपूर एहतियात बरता गया। बता दें कि बारहमासी सड़क निर्माण में बुधवार को टनकपुर-सूखीढांग के बीच कटिंग के दौरान नियमों को ताख पर रखने के चलते दो मशीनों को सीज करने के साथ सड़क कटिंग पर रोक लगाने के आदेश दिए गए थे। इसी तरह बृहस्पतिवार को बनलेख के पास प्रशासन ने तीन मशीनों को सीज किया था।
बृहस्पतिवार शाम को एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने चंपावत से करीब नौ किलोमीटर दूर बनलेचा के नजदीक दो जगहों पर सड़क कटिंग के मलबे को डंपिंग क्षेत्र के बजाय खाई में फेंक वन संपदा को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एक जेसीबी और दो डंपर सीज कर दिए थे। दूसरी तरफ एसडीएम ने बिना पंजीकरण सड़क की कटिंग करते मिले एक डंपर पर जुर्माने की कार्यवाही के लिए पत्रावली एआरटीओ को भेजी है। एआरटीओ रश्मि भट्ट का कहना है कि पंजीकरण के बगैर वाहन के संचालन पर आमतौर पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।
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इस मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) खंड के लोहाघाट के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि बनलेख के आसपास का ज्यादातर हिस्सा वन क्षेत्र है। वन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर डंपिंग जोन के साथ ही कायदे-कानून के क्रियान्वयन को सुनिश्चित कराया जाएगा। इधर शिवालिक कंपनी के प्रतिनिधियों का कहना है कि सड़क की कटिंग में निर्धारित नियमों का पालन कराया जा रहा है। किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए अब कंपनी निगरानी तंत्र को और अधिक सशक्त करेगी।
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कार्रवाई से मचा हड़कंप
चंपावत। बारहमासी सड़क में दो दिन के भीतर प्रशासन द्वारा की गई दो कार्रवाई से काम कराने वाली कंपनियों में हड़कंप मचा है। और इसका असर भी नजर आ रहा है। शुक्रवार को बारहमासी सड़क की कटिंग में मलबे को फेंकने में भरपूर एहतियात बरता गया। बता दें कि बारहमासी सड़क निर्माण में बुधवार को टनकपुर-सूखीढांग के बीच कटिंग के दौरान नियमों को ताख पर रखने के चलते दो मशीनों को सीज करने के साथ सड़क कटिंग पर रोक लगाने के आदेश दिए गए थे। इसी तरह बृहस्पतिवार को बनलेख के पास प्रशासन ने तीन मशीनों को सीज किया था।