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चंपावत प्रभाग में अब तक 120 हेक्टेयर जंगल स्वांहा
Updated Mon, 28 May 2018 11:28 PM IST
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चंपावत/पाटी। चंपावत में सोमवार को हुई बारिश जंगलों में लगी आग बुझाने में काफी मददगार साबित हुई। बारिश से कई जगहों पर जंगलों में लगी आग बुझ गई है। इससे वन विभाग को काफी राहत मिली है।
डीएफओ कुबेर सिंह बिष्ट ने बताया कि सोमवार को अपराह्न हुई बारिश से क्षेत्र के जंगलों में लगी ज्यादातर आग पर काबू पा लिया गया है। इस फायर सीजन में चंपावत वन प्रभाग में 120 हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ चुका है। आग बुझाने के लिए वन कर्मियों को मुस्तैद करने के साथ ग्रामीणों का भी सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही जंगल में आग लनाने वाले अराजक तत्वों का पता लगाया जा रहा है। इधर देवीधुरा रेंज में भी जंगलों पर लगी आग पर 90 प्रतिशत काबू पा लिया गया है। रेंजर भूपाल सिंह ने बताया कि रविवार को हुई हल्की बारिश से धूनाघाट बीट चौकी के जंगलों में आग बुझा ली गई है। क्षेत्र में गरसाड़ी, बीसा, बिंगराकोट के जंगल में अभी भी छिटपुट आग है, इन इलाकों में वन कर्मी और फायर वॉचरों की टीम लगी हुई है।
आग से श्रद्धालुओं को हो रही है परेशानी
चंपावत/पाटी। भिंगराड़ा क्षेत्र में बैजगांव, मटियाल, खरही, पिनाना, इजर, दुर्गानगर, भिंगराड़ा रेंज कार्यालय से लगे बिरगुल, करौली, बालातड़ी, नाखुड़ा, बसान आदि जगहों के जंगलों में आग लगी है। जिससे जोड़ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेंजर रमेश चंद्र जोशी का कहना है कि स्टाफ की कमी से कई जगह लगी आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। भिंगराड़ा क्षेत्र में 12 हेक्टेयर से ज्यादा जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं।
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कोटगाड़ी में घास के लालच में लोगों ने खुद लगाई आग
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। तहसील के पुंगराऊ क्षेत्र के कोटगाड़ी गांव के सिविल वन क्षेत्र में लगी आग पर वन कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद काबू पा लिया है। रेंजर पीसी जोशी के नेतृत्व में 18 वन कर्मियों ने तीन किमी के खड़े पहाड़ में जाकर आग बुझाई। कोटगाड़ी सिविल वन क्षेत्र में कुछ स्थानीय लोगों पर ही आग लगाने का आरोप लग रहा है। रेंजर का कहना है कि लोगों ने अपने घास के मांगे में घास पैदा होने के इरादे से आग लगाई, जो वन पंचायत में फैल कर सिविल वन तक पहुंच गई। मामले की जांच के लिए डिप्टी रेंजर आरएस मेहरा के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित कर दी गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई है।
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डीएफओ कुबेर सिंह बिष्ट ने बताया कि सोमवार को अपराह्न हुई बारिश से क्षेत्र के जंगलों में लगी ज्यादातर आग पर काबू पा लिया गया है। इस फायर सीजन में चंपावत वन प्रभाग में 120 हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ चुका है। आग बुझाने के लिए वन कर्मियों को मुस्तैद करने के साथ ग्रामीणों का भी सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही जंगल में आग लनाने वाले अराजक तत्वों का पता लगाया जा रहा है। इधर देवीधुरा रेंज में भी जंगलों पर लगी आग पर 90 प्रतिशत काबू पा लिया गया है। रेंजर भूपाल सिंह ने बताया कि रविवार को हुई हल्की बारिश से धूनाघाट बीट चौकी के जंगलों में आग बुझा ली गई है। क्षेत्र में गरसाड़ी, बीसा, बिंगराकोट के जंगल में अभी भी छिटपुट आग है, इन इलाकों में वन कर्मी और फायर वॉचरों की टीम लगी हुई है।
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आग से श्रद्धालुओं को हो रही है परेशानी
चंपावत/पाटी। भिंगराड़ा क्षेत्र में बैजगांव, मटियाल, खरही, पिनाना, इजर, दुर्गानगर, भिंगराड़ा रेंज कार्यालय से लगे बिरगुल, करौली, बालातड़ी, नाखुड़ा, बसान आदि जगहों के जंगलों में आग लगी है। जिससे जोड़ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेंजर रमेश चंद्र जोशी का कहना है कि स्टाफ की कमी से कई जगह लगी आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। भिंगराड़ा क्षेत्र में 12 हेक्टेयर से ज्यादा जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं।
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कोटगाड़ी में घास के लालच में लोगों ने खुद लगाई आग
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। तहसील के पुंगराऊ क्षेत्र के कोटगाड़ी गांव के सिविल वन क्षेत्र में लगी आग पर वन कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद काबू पा लिया है। रेंजर पीसी जोशी के नेतृत्व में 18 वन कर्मियों ने तीन किमी के खड़े पहाड़ में जाकर आग बुझाई। कोटगाड़ी सिविल वन क्षेत्र में कुछ स्थानीय लोगों पर ही आग लगाने का आरोप लग रहा है। रेंजर का कहना है कि लोगों ने अपने घास के मांगे में घास पैदा होने के इरादे से आग लगाई, जो वन पंचायत में फैल कर सिविल वन तक पहुंच गई। मामले की जांच के लिए डिप्टी रेंजर आरएस मेहरा के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित कर दी गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई है।