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फायर सीजन निपटा:इस बार कम धधका चंपावत का जंगल
Updated Thu, 15 Jun 2017 11:32 PM IST
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चंपावत। चंपावत जिले में इस बार फायर सीजन ने जंगलों को काफी कम नुकसान पहुंचाया। 2016 के फायर सीजन की अपेक्षा इस वर्ष 63 प्रतिशत कम जंगल आग की भेंट चढ़े। प्रभागीय वनाधिकारी एके गुप्ता ने बताया कि बेहतर प्रबंधन और तत्काल कदम उठाए जाने से जंगल की आग को काबू किया जा सका। फायर सीजन का ब्यौरा वन संरक्षक कार्यालय को भेजा जा रहा है।
15 फरवरी से शुरू होकर चार माह तक चले फायर सीजन बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया। कम बारिश और अधिक तपिश के बावजूद इस बार जंगल आग की चपेट में कम आए। वन विभाग के मुताबिक इस बार महज 50.65 हेक्टेयर जंगल आग से प्रभावित हुआ। फायर सीजन में जंगलों में आग की 34 घटनाएं हुई हैं। इसमें करीब 1.01 लाख रुपये की आर्थिक क्षति का आकलन किया गया है। सबसे अधिक नुकसान चीड़ बाहुल्य देवीधुरा क्षेत्र के जंगलों को हुआ। यहां के जंगलों में आग की 11 घटनाएं हुई हैं।
इसमें सबसे ज्यादा 17 हेक्टेयर जंगल जले। सबसे कम आग मैदानी क्षेत्र बूम रेंज में लगी, जबकि जनपद में पिछले साल आग की 62 घटनाएं हुई थी। इसमें 137.5 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुए थे। इस बार मौसम की तपिश अधिक होने के बावजूद आग की घटनाओं में कमी की वजह आग लगने पर तत्काल कार्रवाई करना रहा। चंपावत के वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन टम्टा का कहना है कि जंगल की आग को लेकर हुए मॉकड्रिल का भी सकारात्मक असर हुआ। क्रू स्टेशन, वॉच टावर, फायर वॉचर आदि का भी अच्छा असर रहा। अलबत्ता अब फायर सीजन के लिए किए गए अतिरिक्त प्रबंध को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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2017 में जंगल में लगी आग का रिकार्ड
वन रेंज घटनाएं क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
लोहाघाट 8 12
चंपावत 3 6
देवीधुरा 11 17
भिंगराड़ा 6 8.5
बूम 2 1
काली कुमाऊं 4 6.15
कुल योग 34 50.65
15 फरवरी से शुरू होकर चार माह तक चले फायर सीजन बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया। कम बारिश और अधिक तपिश के बावजूद इस बार जंगल आग की चपेट में कम आए। वन विभाग के मुताबिक इस बार महज 50.65 हेक्टेयर जंगल आग से प्रभावित हुआ। फायर सीजन में जंगलों में आग की 34 घटनाएं हुई हैं। इसमें करीब 1.01 लाख रुपये की आर्थिक क्षति का आकलन किया गया है। सबसे अधिक नुकसान चीड़ बाहुल्य देवीधुरा क्षेत्र के जंगलों को हुआ। यहां के जंगलों में आग की 11 घटनाएं हुई हैं।
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इसमें सबसे ज्यादा 17 हेक्टेयर जंगल जले। सबसे कम आग मैदानी क्षेत्र बूम रेंज में लगी, जबकि जनपद में पिछले साल आग की 62 घटनाएं हुई थी। इसमें 137.5 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुए थे। इस बार मौसम की तपिश अधिक होने के बावजूद आग की घटनाओं में कमी की वजह आग लगने पर तत्काल कार्रवाई करना रहा। चंपावत के वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन टम्टा का कहना है कि जंगल की आग को लेकर हुए मॉकड्रिल का भी सकारात्मक असर हुआ। क्रू स्टेशन, वॉच टावर, फायर वॉचर आदि का भी अच्छा असर रहा। अलबत्ता अब फायर सीजन के लिए किए गए अतिरिक्त प्रबंध को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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2017 में जंगल में लगी आग का रिकार्ड
वन रेंज घटनाएं क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
लोहाघाट 8 12
चंपावत 3 6
देवीधुरा 11 17
भिंगराड़ा 6 8.5
बूम 2 1
काली कुमाऊं 4 6.15
कुल योग 34 50.65