{"_id":"5b9e8db7867a557fa90025fb","slug":"101537117623-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुष्मान योजना:तीन अस्पतालों में आरोग्य मित्र बनाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष्मान योजना:तीन अस्पतालों में आरोग्य मित्र बनाए
Updated Sun, 16 Sep 2018 10:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। निर्धन और कमजोर वर्ग को मुफ्त में स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने वाली आयुष्मान योजना का 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर आगाज होगा। प्रशिक्षण देने के अलावा बीमार लोगों की मदद करने के लिए अस्पतालों में आरोग्य मित्र बनाए गए हैं जो आवेदक को आवेदन करने से लेकर बीमा का लाभ लेने में सहायता करेंगे। मगर इस योजना के अंतर्गत फिलहाज जिले में एक भी निजी अस्पताल को अनुमन्य नहीं किया गया है।
सामाजिक, आर्थिक, जातिगत जनगणना (एसईसीसी) सर्वेक्षण 2011 के आधार पर चयनित 12854 (10844 ग्रामीण तथा 2010 शहरी) परिवारों के सत्यापन के बाद आयुष्मान योजना के तहत 8395 ग्रामीण परिवार सहित चंपावत जिले के कुल 9829 परिवारों को एक साल में पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा के लिए अनुमन्य पाया गया।
नोडल अधिकारी सहायक मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.रश्मि पंत ने बताया कि फिलहाल जिले के तीन सरकारी अस्पतालों (जिला अस्पताल, लोहाघाट सीएचसी और टनकपुर संयुक्त अस्पताल) में ही बीमा का लाभ मिल सकेगा। एसीएमओ ने बताया कि जिले में दो निजी अस्पताल लोगों को योजना का लाभ देने के लिए तैयार थे, मगर 30 बेड नहीं होने से फिलहाल उनके प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सामाजिक, आर्थिक, जातिगत जनगणना (एसईसीसी) सर्वेक्षण 2011 के आधार पर चयनित 12854 (10844 ग्रामीण तथा 2010 शहरी) परिवारों के सत्यापन के बाद आयुष्मान योजना के तहत 8395 ग्रामीण परिवार सहित चंपावत जिले के कुल 9829 परिवारों को एक साल में पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा के लिए अनुमन्य पाया गया।
विज्ञापन
नोडल अधिकारी सहायक मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.रश्मि पंत ने बताया कि फिलहाल जिले के तीन सरकारी अस्पतालों (जिला अस्पताल, लोहाघाट सीएचसी और टनकपुर संयुक्त अस्पताल) में ही बीमा का लाभ मिल सकेगा। एसीएमओ ने बताया कि जिले में दो निजी अस्पताल लोगों को योजना का लाभ देने के लिए तैयार थे, मगर 30 बेड नहीं होने से फिलहाल उनके प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिली है।
विज्ञापन