फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   नववर्ष के सेलीब्रेशन का, ये कैसा हुड़दंग...

नववर्ष के सेलीब्रेशन का, ये कैसा हुड़दंग...

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 31 Dec 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
नववर्ष के सेलीब्रेशन का, ये कैसा हुड़दंग...
चंपावत। नव वर्ष की पूर्व संध्या और जाते हुए साल को विदाई देते हुए रविवार को कूर्मांचल एंग्लो संस्कृत विद्यालय में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक चेतन मंच की ओर से मासिक काव्य गोष्ठी हुई। इसमें कवियों और रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर कटाक्ष करते हुए काव्यपाठ किया।
विज्ञापन


डॉ. कीर्तिबल्लभ सक्टा की अध्यक्षता, डॉ. बीसी जोशी के संचालन में हुई काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए भुवन चंद्र जोशी ने कहा ‘कर्म कैसे हैं हमारे, क्या कभी हम जान पाते, रह भरोसे भाग्य के हम स्वपन में जीवन बीताते’। शिक्षक नवीन चंद्र पंत ने ‘नववर्ष के सेलीब्रेशन का ये कैसा हुड़दंग, बच्चे बड़े नशे में धुत हैं, नाचे डीजे में बैढंग’, कवयित्री अंजू पांडेय ने महिला उत्पीड़न पर रचनापाठ करते हुए कहा ‘जिस देश में स्त्री को देवी मानते हैं, आज उसी देश में स्त्री को जला दिया जा रहा है, देश का ये कैसा दौर आ रहा है’, कीर्तिबल्लभ सक्टा ने ‘द्वेष, तप, अज्ञान सारा ह्दय से निज दूर हो’, कवियत्री नेहा पंत ने ‘जज्बा एक ऐसा शब्द जो जोश से परिपूर्ण है’, डॉ. प्रकाश जोशी शूल ने ‘नव वर्ष हर्ष लाए है कामना यही, सुख सहर्ष लाए, है कामना यही’ डॉ. अजय कुमार रस्तोगी ने ‘अभी नहीं, अभी नहीं, अभी नहीं, अभी नहीं, अभी से हार मानकर सुषुप्तता अभी नहीं’ की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमियों ने रचनाकारों का हौसला बढ़ाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed