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निर्माण कार्यो में लापरवाही पर बिफरे डीएम
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:37 PM IST
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चंपावत। डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं की ओर से जिले में करोड़ों रुपये की धनराशि से किए जा रहे कार्यों की जांच के लिए सीडीओ को समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला कार्यालय सभागार में पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने बाणासुर किला, एबट माउंट, तहसील भवन, आडिटोरियम, पूर्णागिरि रोपवे आदि निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही और लेटलतीफी पर नाराजगी प्रकट की। समय पर कार्य पूर्ण न करने और बार-बार संशोधित आगणन प्रस्तुत करने की कार्यदायी संस्थाओं की प्रवृत्ति पर डीएम बिफर पड़े और स्वीकृत धनराशि से कार्यों को पूर्ण करने और कार्य पूर्ण न कर सकने की स्थिति में काम छोड़ने के लिए लिखित रूप प्रस्ताव देने को कहा।
डीएम ने पूर्णागिरि रोपवे के बिलंब पर भी नाराजगी प्रकट की और तत्काल काम शुरू करने को कहा। उन्होंने एबटमाउंट में प्रवेश द्वार पर ही शौचालय बनाने पर नाराजगी जताई।
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उन्होंने तहसील भवन के निर्माण में अब तक 1.9 करोड़ की धनराशि व्यय होने और भवन स्थल के चयन में मानकों की अनदेखी पर नाराजगी जताई। सीडीओ को जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन अधिकारी को बड़े धार्मिक, पर्यटन वाले स्थानों के साथ साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने पर्यटन अधिकारी को तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर कार्यों का तृतीय पक्ष से जांच कराने को कहा। उन्होंने प्रेक्षागृह में अब तक हुए कार्यों की तकनीकी अधिकारियों के साथ जांच करने और दोषी पाए जाने पर संस्था के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लाने को कहा। बैठक में सीडीओ एसएस बिष्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं और सुलभ इंटरनेशनल के अभियंता उपस्थित रहे।
जिला कार्यालय सभागार में पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने बाणासुर किला, एबट माउंट, तहसील भवन, आडिटोरियम, पूर्णागिरि रोपवे आदि निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही और लेटलतीफी पर नाराजगी प्रकट की। समय पर कार्य पूर्ण न करने और बार-बार संशोधित आगणन प्रस्तुत करने की कार्यदायी संस्थाओं की प्रवृत्ति पर डीएम बिफर पड़े और स्वीकृत धनराशि से कार्यों को पूर्ण करने और कार्य पूर्ण न कर सकने की स्थिति में काम छोड़ने के लिए लिखित रूप प्रस्ताव देने को कहा।
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डीएम ने पूर्णागिरि रोपवे के बिलंब पर भी नाराजगी प्रकट की और तत्काल काम शुरू करने को कहा। उन्होंने एबटमाउंट में प्रवेश द्वार पर ही शौचालय बनाने पर नाराजगी जताई।
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उन्होंने तहसील भवन के निर्माण में अब तक 1.9 करोड़ की धनराशि व्यय होने और भवन स्थल के चयन में मानकों की अनदेखी पर नाराजगी जताई। सीडीओ को जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन अधिकारी को बड़े धार्मिक, पर्यटन वाले स्थानों के साथ साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने पर्यटन अधिकारी को तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर कार्यों का तृतीय पक्ष से जांच कराने को कहा। उन्होंने प्रेक्षागृह में अब तक हुए कार्यों की तकनीकी अधिकारियों के साथ जांच करने और दोषी पाए जाने पर संस्था के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लाने को कहा। बैठक में सीडीओ एसएस बिष्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं और सुलभ इंटरनेशनल के अभियंता उपस्थित रहे।