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श्रम विभाग का अनुसेवक काशीपुर कार्यालय संबद्ध, जांच शुरू
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:59 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। रिश्वत लेने के कथित मामले में आरोपी श्रम विभाग के अनुसेवक रामगिरि गोस्वामी को काशीपुर कार्यालय से संबद्ध कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। डीएम डा. अहमद इकबाल ने भी आरोपी अनुसेवक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। इधर, रिश्वत देने एवं वीडियो बनाने वाले राजेंद्र सिंह बोहरा और त्रिलोक सिंह बोहरा ने एसडीएम को तहरीर सौंपकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आग्रह किया है।
श्रम विभाग में छात्रवृत्ति योजना की फाइल मंजूरी कराने के एवज में श्रम विभाग के स्थानीय कार्यालय में तैनात अनुसेवक द्वारा गैंड़ाखाली निवासी राजेंद्र सिंह बोहरा से रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो विधायक कैलाश गहतोड़ी तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम अनिल चन्याल ने श्रम विभाग के कार्यालय में छापा मारा तो वहां अकेला अनुसेवक तैनात मिला और छात्रवृत्ति की फाइलों का ढेर लगा था। एसडीएम की रिपोर्ट और वीडियो का संज्ञान लेते हुए डीएम ने आरोपी अनुसेवक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट श्रम विभाग को भेज दी। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट ने बताया कि आरोपी अनुसेवक को काशीपुर कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की विभागीय जांच की जा रही है, जांच रिपोर्ट के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। उधर, रिश्वत देने एवं वीडियो बनाने वाले राजेंद्र सिंह बोहरा और त्रिलोक सिंह बोहरा ने आरोपी अनुसेवक पर छात्रवृत्ति की फाइल मंजूरी कराने के लिए रिश्वत देने को विवश करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम को तहरीर सौंपी है। इसमें उन्होंने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
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श्रम विभाग में छात्रवृत्ति योजना की फाइल मंजूरी कराने के एवज में श्रम विभाग के स्थानीय कार्यालय में तैनात अनुसेवक द्वारा गैंड़ाखाली निवासी राजेंद्र सिंह बोहरा से रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो विधायक कैलाश गहतोड़ी तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम अनिल चन्याल ने श्रम विभाग के कार्यालय में छापा मारा तो वहां अकेला अनुसेवक तैनात मिला और छात्रवृत्ति की फाइलों का ढेर लगा था। एसडीएम की रिपोर्ट और वीडियो का संज्ञान लेते हुए डीएम ने आरोपी अनुसेवक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट श्रम विभाग को भेज दी। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट ने बताया कि आरोपी अनुसेवक को काशीपुर कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की विभागीय जांच की जा रही है, जांच रिपोर्ट के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। उधर, रिश्वत देने एवं वीडियो बनाने वाले राजेंद्र सिंह बोहरा और त्रिलोक सिंह बोहरा ने आरोपी अनुसेवक पर छात्रवृत्ति की फाइल मंजूरी कराने के लिए रिश्वत देने को विवश करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम को तहरीर सौंपी है। इसमें उन्होंने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
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