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महिलाओं ने एनएच के अधिकारियों-कर्मचारियों को घेरा
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बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ के भूस्खलन क्षेत्र से मलबा हटाने पर लामबगड़ गांव के ग्रामीणों ने लोनिवि एनएच के अधिकारी व कर्मचारियों का घेराव किया। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार हो रहे भूस्खलन से गांव में भी भू धंसाव का खतरा हो गया है। ग्रामीणों ने भूस्खलन वाली पहाड़ी पर कोई छेड़छाड़ न करने की मांग की। एनएच के अधिकारियों ने गांव की सुरक्षा का भरोसा दिया।
शनिवार को महिलाएं जुलूस की शक्ल में कार्यस्थल पर पहुंचीं। उन्होंने लामबगड़ में हाईवे पर चल रहे मलबा हटाने के काम का विरोध किया और एनएच के अफसरों और कर्मचारियों का घेराव कर दिया। महिलाओं ने कहा कि लामबगड़ गांव भूस्खलित चट्टान के शीर्ष में स्थित है। संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण उनके खेत तो भूस्खलन की चपेट में आ ही गए हैं, लेकिन अब मकानों को भी खतरा हो गया है। इधर, एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि गांव की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी विभाग की है। यदि ग्रामीणों के खेतों को नुकसान पहुंचा है तो उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। लामबगड़ ट्रीटमेंट कार्य 75 फीसदी तक पूरा हो गया है। अगस्त माह से सड़क को भूस्खलन क्षेत्र से 25 मीटर बाहर कर दिया जाएगा, जिससे चट्टान से मलबा और बोल्डर आने के बावजूद हाईवे सुचारु रहेगा।
एनएच को मिली पेड़ों के कटान की संस्तुति
गोपेश्वर। वन विभाग ने लामबगड़ में हाईवे सुधारीकरण कार्य में बाधक बन रहे पंद्रह से अधिक पेड़ों के कटान की एनएच को संस्तुति दे दी है। पेड़ों के कारण हाईवे का सुधारीकरण कार्य धीमा पड़ गया था। ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जल्द ही 450 मीटर नई सड़क के लिए एप्रोच मार्ग भी बना लिए जाएंगे।
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शनिवार को महिलाएं जुलूस की शक्ल में कार्यस्थल पर पहुंचीं। उन्होंने लामबगड़ में हाईवे पर चल रहे मलबा हटाने के काम का विरोध किया और एनएच के अफसरों और कर्मचारियों का घेराव कर दिया। महिलाओं ने कहा कि लामबगड़ गांव भूस्खलित चट्टान के शीर्ष में स्थित है। संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण उनके खेत तो भूस्खलन की चपेट में आ ही गए हैं, लेकिन अब मकानों को भी खतरा हो गया है। इधर, एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि गांव की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी विभाग की है। यदि ग्रामीणों के खेतों को नुकसान पहुंचा है तो उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। लामबगड़ ट्रीटमेंट कार्य 75 फीसदी तक पूरा हो गया है। अगस्त माह से सड़क को भूस्खलन क्षेत्र से 25 मीटर बाहर कर दिया जाएगा, जिससे चट्टान से मलबा और बोल्डर आने के बावजूद हाईवे सुचारु रहेगा।
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एनएच को मिली पेड़ों के कटान की संस्तुति
गोपेश्वर। वन विभाग ने लामबगड़ में हाईवे सुधारीकरण कार्य में बाधक बन रहे पंद्रह से अधिक पेड़ों के कटान की एनएच को संस्तुति दे दी है। पेड़ों के कारण हाईवे का सुधारीकरण कार्य धीमा पड़ गया था। ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जल्द ही 450 मीटर नई सड़क के लिए एप्रोच मार्ग भी बना लिए जाएंगे।
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