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शिक्षा विभाग के अधिकारी का रुपये लेनदेन करते वीडियो वायरल
देवाल
Updated Sat, 05 Dec 2015 06:50 PM IST
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शिक्षा विभाग में तैनात एक अधिकारी को एक व्यक्ति द्वारा किसी काम के लिए रुपये देते हुए वायरल हुआ वीडियो चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में अधिकारी को किसी फाइल में हस्ताक्षर करवाने के लिए अन्य व्यक्ति से कुछ धनराशि लेते हुए दिखाई दे रहा है।
6 मिनट 51 सेकंड का यह वीडियो इन दिनों पूरे चमोली में वायरल हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2009-10 में जूनियर हाईस्कूल कोटिड़ा के निर्माण के लिए साढ़े नौ लाख की धनराशि अवमुक्त हुई थी। भवन बनने के बाद वर्ष 2013 मेें भवन का अधिग्रहण भी हो गया था। लेकिन भवन निर्माण की 95 हजार की धनराशि विभाग ने अवमुक्त नहीं की। इसके चलते ग्राम प्रधान कोटिड़ा देवाल के खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. बी. निषाद के कमरे में जा पहुंचे। यहां प्रधान खड़ग राम ने बीईओ से फाइल में हस्ताक्षर करने की मांग की। लेकिन बीईओ ने पैसे के लिए कहा। जिस पर प्रधान कुछ पैसे देकर अन्य बाद में देने की बात कही। वीडियो में इसके बाद फाइल में हस्ताक्षर करते हुए भी दिखाया गया है। इधर, मामले में प्रधान खड़ग राम ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। वीडियो कब की है यह देखने के बाद ही पता चल पाएगा। वहीं, बीईओ डॉ. बी. निषाद ने कहा कि वर्ष 2013 में भवन का अधिग्रहण हो गया था। लेकिन पूर्ण भुगतान नहीं हुआ था। जिसकी फाइल अब भी कार्यालय में पड़ी है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरीश चंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर मामला सही होगा तो सुबूत जुटाकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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6 मिनट 51 सेकंड का यह वीडियो इन दिनों पूरे चमोली में वायरल हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2009-10 में जूनियर हाईस्कूल कोटिड़ा के निर्माण के लिए साढ़े नौ लाख की धनराशि अवमुक्त हुई थी। भवन बनने के बाद वर्ष 2013 मेें भवन का अधिग्रहण भी हो गया था। लेकिन भवन निर्माण की 95 हजार की धनराशि विभाग ने अवमुक्त नहीं की। इसके चलते ग्राम प्रधान कोटिड़ा देवाल के खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. बी. निषाद के कमरे में जा पहुंचे। यहां प्रधान खड़ग राम ने बीईओ से फाइल में हस्ताक्षर करने की मांग की। लेकिन बीईओ ने पैसे के लिए कहा। जिस पर प्रधान कुछ पैसे देकर अन्य बाद में देने की बात कही। वीडियो में इसके बाद फाइल में हस्ताक्षर करते हुए भी दिखाया गया है। इधर, मामले में प्रधान खड़ग राम ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। वीडियो कब की है यह देखने के बाद ही पता चल पाएगा। वहीं, बीईओ डॉ. बी. निषाद ने कहा कि वर्ष 2013 में भवन का अधिग्रहण हो गया था। लेकिन पूर्ण भुगतान नहीं हुआ था। जिसकी फाइल अब भी कार्यालय में पड़ी है।
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मुख्य शिक्षा अधिकारी हरीश चंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर मामला सही होगा तो सुबूत जुटाकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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