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Chamoli News: ग्वीला गांव में नहीं सड़क, घायल को डंडी से तीन किमी पैदल पहुंचाया अस्पताल
Tue, 10 Jun 2025 07:14 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 10 Jun 2025 07:14 PM IST
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घायल महिला को डंडी के सहारे अस्पताल पहुंचाते ग्रामीण। स्रोत जागरूक पाठक
फोटो
देवाल ब्लॉक के एक गांव का मामला
जंगल में घास काटते समय पैर फिसलने से घायल हो गई थी महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। ब्लॉक के ग्वीला गांव के लिए सड़क नहीं बनने और अस्पताल नहीं होने का खामियाजा ग्रामीण आज तक भुगत रहे हैं। मंगलवार को एक महिला जंगल में घास काटते समय घायल हो गई। इस पर घायल महिला को ग्रामीणों ने डंडी के सहारे तीन किमी पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद वाहन से महिला को अस्पताल ले गए। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे हैं लेकिन निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है।
मंगलवार को गांव की रेखा देवी गांव के पास घास लेने गई थी। अचानक पैर फिसलने से रेखा गिर गई और चोटिल हो गई। घायल महिला को ग्रामीण अवतार सिंह, पुष्कर सिंह, कुंदन सिंह, प्रमोद सिंह, दर्शन सिंह, सचिन सिंह, विशाल सिंह डंडी से तीन किमी पैदल चलकर सड़क तक आए। यहां से घायल महिला को प्राइवेट वाहन से श्रीनगर ले गए। ग्रामीणों ने बताया कि 17 जून 2008 काे तीन किमी कलपट्टा-ग्वीला सड़क की प्रथम चरण की स्वीकृति मिली थी लेकिन 17 साल बाद भी सड़क नहीं बन पाई। ग्वीला-कैल के पूर्व प्रधान पुष्कर सिंह ने बताया कि सड़क की मांग को लेकर कई बार मुख्यमंत्री, सांसद व विधायक को विभिन्न बैठकों के माध्यम से प्रस्ताव भी भेजा। मगर सड़क नहीं बन सकी। ऐसे में आज भी गंतव्य तक जाने के लिए पैदल चलते हैं।
कोट
कलपट्टा-ग्वीला सड़क का वर्ष 2008 में प्रथम चरण की स्वीकृति मिलने के बाद इसका एलाइनमेंट हुआ था। वन विभाग की कुछ आपत्ति के बाद जून 2024 को पुन: दूसरी बार इसका एलाइनमेंट किया गया। इसका सयुंक्त सर्वेक्षण होना है। सर्वेक्षण के बाद प्रपोजल तैयार कर वन विभाग को भेजा जाएगा। उसके बाद वित्तीय स्वीकृति की कार्रवाई होगी। - सचिन अशोक एई लोनिवि थराली।
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देवाल ब्लॉक के एक गांव का मामला
जंगल में घास काटते समय पैर फिसलने से घायल हो गई थी महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। ब्लॉक के ग्वीला गांव के लिए सड़क नहीं बनने और अस्पताल नहीं होने का खामियाजा ग्रामीण आज तक भुगत रहे हैं। मंगलवार को एक महिला जंगल में घास काटते समय घायल हो गई। इस पर घायल महिला को ग्रामीणों ने डंडी के सहारे तीन किमी पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद वाहन से महिला को अस्पताल ले गए। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे हैं लेकिन निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है।
मंगलवार को गांव की रेखा देवी गांव के पास घास लेने गई थी। अचानक पैर फिसलने से रेखा गिर गई और चोटिल हो गई। घायल महिला को ग्रामीण अवतार सिंह, पुष्कर सिंह, कुंदन सिंह, प्रमोद सिंह, दर्शन सिंह, सचिन सिंह, विशाल सिंह डंडी से तीन किमी पैदल चलकर सड़क तक आए। यहां से घायल महिला को प्राइवेट वाहन से श्रीनगर ले गए। ग्रामीणों ने बताया कि 17 जून 2008 काे तीन किमी कलपट्टा-ग्वीला सड़क की प्रथम चरण की स्वीकृति मिली थी लेकिन 17 साल बाद भी सड़क नहीं बन पाई। ग्वीला-कैल के पूर्व प्रधान पुष्कर सिंह ने बताया कि सड़क की मांग को लेकर कई बार मुख्यमंत्री, सांसद व विधायक को विभिन्न बैठकों के माध्यम से प्रस्ताव भी भेजा। मगर सड़क नहीं बन सकी। ऐसे में आज भी गंतव्य तक जाने के लिए पैदल चलते हैं।
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कलपट्टा-ग्वीला सड़क का वर्ष 2008 में प्रथम चरण की स्वीकृति मिलने के बाद इसका एलाइनमेंट हुआ था। वन विभाग की कुछ आपत्ति के बाद जून 2024 को पुन: दूसरी बार इसका एलाइनमेंट किया गया। इसका सयुंक्त सर्वेक्षण होना है। सर्वेक्षण के बाद प्रपोजल तैयार कर वन विभाग को भेजा जाएगा। उसके बाद वित्तीय स्वीकृति की कार्रवाई होगी। - सचिन अशोक एई लोनिवि थराली।
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