फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   The villagers of Niti and Mana started returning from their native villages.

ठंड बढ़ने से अपने पैतृक गांवों से लौटने लगे नीती और माणा के ग्रामीण

Sat, 29 Oct 2022 11:47 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 11:47 PM IST
विज्ञापन
The villagers of Niti and Mana started returning from their native villages.
उच्च हिमालय क्षेत्रों में बर्फबारी होने के बाद कड़ाके की ठंड पड़ने से नीती और माणा घाटी के ग्रामीणों ने पैतृक गांवों को छोड़कर निचले क्षेत्रों के गांवों में आना शुरू कर दिया है। इन घाटियों में रहने करने वाले भोटिया जनजाति के ग्रामीण अब निचले क्षेत्रों में आकर ऊनी उत्पादों के निर्माण में जुट जाएंगे।
विज्ञापन

माणा गांव के ग्रामीण शीतकाल में गोपेश्वर के समीप घिंघराण गांव में निवास करते हैं जबकि नीती घाटी के गांवों के ग्रामीण देवलीबगड़, छिनका, नैग्वाड़, सेलवानी, सिरोखोमा, भीमतला, नंदप्रयाग, तेफना आदि गांवों में रहते हैं। ग्रीष्मकाल में इन गांवों के भोटिया जनजाति के ग्रामीण अपनी भेड़ों से ऊन निकालते हैं और शीतकाल में इस ऊन से गर्म कपड़े बनाते हैं। इन कपड़ों को ग्रामीण बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा शुरू होने पर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को उपलब्ध कराते हैं। मलारी गांव के देव सिंह का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है जिससे ग्रामीण अब निचले क्षेत्रों की ओर लौटने लगे हैं। वहीं माणा गांव के ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा ने बताया कि यहां लोग पत्थरों से मकान बनाते थे और दरवाजे छोटे रखते थे जिससे कमरों में गर्माहट रहे और ठंड का ज्यादा असर न हो। हालांकि माणा गांव में लेंटर के मकान भी बनने लगे हैं।
विज्ञापन

तीर्थयात्रा अच्छी चलने से माणा के ग्रामीण गदगद
इस बार बदरीनाथ धाम में रिकॉर्ड तीर्थयात्री पहुंचे। इसका फायदा माणा गांव को भी हुआ। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा कर अधिकांश तीर्थयात्री यहां से तीन किलोमीटर दूर माणा गांव के सैर-सपाटे पर पहुंचते हैं। माणा गांव में व्यास गुफा, भीम पुल, सरस्वती नदी, वसुधारा आदि दर्शनीय स्थल हैं। ग्रामीण गांवों में ऊनी कपड़ों की जमकर खरीदारी करते हैं। माणा गांव की सरिता और बीना का कहना है कि इस बार ऊनी कपड़ों की जमकर बिक्री हुई। ग्रामीणों के हाथों से बने ऊनी कपड़ों को तीर्थयात्रियों ने हाथों हाथ लिया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed