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स्रोत से बना रहे सिंचाई नहर का काम रोका
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
Updated Wed, 20 Apr 2016 09:49 PM IST
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पेयजल स्रोत के ठीक ऊपर से बन रही सिंचाई नहर का निर्माण विभाग ने फिलहाल रोक दिया है। एक ही पेयजल स्रोत के गदेरे से सिंचाई नहर बनने से पानी की किल्लत होने की आशंका ग्रामीणों ने जताई थी।
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देवाल ब्लाक मुख्यालय, बाजार और आसपास के गांवों के लिए पेयजल आपूर्ति गमलीगाड़ गदेरे से होती है, लेकिन पिछले दिनों लघु सिंचाई विभाग की ओर से उलंग्रा गांव के लिए सिंचाई नहर का निर्माण शुरू किया गया।
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इस पर ग्रामीणों और जलसंस्थान के अधिकारियों ने आपत्ति जताई। ग्रामीणों ने कहा यदि इस गदेरे का पानी सिंचाई के लिए प्रयोग किया गया तो ब्लाक मुख्यालय, बाजार और आस पास के गांवों के लिए पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा।
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ग्रामीणों की शिकायत पर जलसंस्थान के अवर अभियंता एससी गंगोला ने कहा कि गर्मी बढ़ने पर स्रोत से पानी कम आता है। गदेरे से सिंचाई नहर के निर्माण का मामला प्रकाश में आने पर तहसील प्रशासन सहित लघु सिंचाई विभाग को शिकायती पत्र दिया गया था।
अमर उजाला ने 15 अप्रैल के अंक में ‘पेयजल स्रोत से बना रहे सिंचाई नहर’ खबर को प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए विभाग ने काम रुकवा दिया। लघु सिंचाई विभाग थराली के सहायक अभियंता मातबर सिंह फर्स्वाण ने बताया कि हालांकि सिंचाई नहर निर्माण का प्रस्ताव ग्राम पंचायत से आया था, लेकिन पेयजल योजना प्रभावित होने की दशा में फिलहाल सिंचाई नहर का काम रोक दिया गया है। मामले में जांच की जाएगी, जिसके बाद अन्य स्रोत से नहर को बनाने के प्रयास किए जाएंगे।