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बच्चों की भी पाठशाला बनी औली
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली।
Updated Tue, 10 Jan 2017 10:30 PM IST
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Skiing habits
- फोटो : अमर उजाला
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औली में बर्फ से ढकी ढलानों पर इन दिनों पर्यटकों के साथ ही बच्चे भी स्कीइंग सीख रहे हैं। प्रतिवर्ष बर्फ पड़ते ही समीपवर्ती गांवों के बच्चे स्कीइंग करने के लिए औली पहुंच जाते हैं। विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश के कारण औली बच्चों की पाठशाला बनी है।
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जोशीमठ के डाडों, रविग्राम, सुनील, परसारी, तपोवन, ढाक गांव के बच्चे औली की ढलानों में स्कीइंग सीख रहे हैं। कई बच्चे लकड़ी की स्की बनाकर बर्फ में फिसल रहे हैं। औली में बिना किसी प्रशिक्षण के स्कीइंग सीखकर जोशीमठ की प्रीति डिमरी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर कई गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।
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यही नहीं जोशीमठ के ही विवेक पंवार, महेंद्र भुजवाण और वंदना पंवार भी स्कीइंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर चुके हैं। विंटर गेम्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस पांगती का कहना है कि जीएमवीएन की ओर से प्रतिवर्ष औली में अलग-अलग आयु वर्ग को स्कीइंग का प्रशिक्षण दिया जाता है। जोशीमठ क्षेत्र के बच्चों का स्कीइंग की ओर रुझान अधिक है। सरकार को इन बच्चों को स्कीइंग का नियमित प्रशिक्षण देना चाहिए।
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