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Chamoli News: सड़क संकरी, डामर भी नहीं बिछा, खतरे के बीच गुजर रहे वाहन
Tue, 04 Mar 2025 03:49 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 04 Mar 2025 03:49 PM IST
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फोटो
पीपलकोटी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत एक दशक पूर्व निर्मित पीपलकोटी-स्यूण बैमरु सड़क पर ग्रामीण जान हथेली पर रखकर आवाजाही कर रहे हैं। अधिकांश जगहों पर सड़क चट्टान से होकर गुजर रही है लेकिन यहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। सड़क संकरी है और कुछ जगहों पर मोड़ों पर मानकों के अनुसार हिल कटिंग भी नहीं की गई है।
पीपलकोटी से ही सड़क की स्थिति बदहाल बनी है। स्थिति यह है कि निर्माण के बाद से सड़क पर डामर नहीं बिछाया गया है। सड़क पर कहीं पत्थर के टुकड़े तो कहीं मिट्टी बिछाई गई है। बैमरु से सड़क पर डामर बिछाया गया है लेकिन नाली निर्माण न होने से जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। सड़क किनारे स्टील गार्डर और पैराफिट भी नहीं लगाए गए हैं। प्रभारी मंत्री के जिला प्रतिनिधि तारेंद्र प्रसाद थपलियाल का कहना है कि सड़क शुरुआत से स्यूंण गांव तक खतरनाक बनी है। इधर, पीएमजीएसवाई के ईई प्रमोद गंगाड़ी का कहना है कि यहां कई जगहों पर सड़क पर सुधारीकरण कार्य किया जाना है। इसके लिए शासन को इस्टीमेट भेजा जा रहा है। बजट मिलने के बाद सड़क पर सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे। संवाद
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पीपलकोटी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत एक दशक पूर्व निर्मित पीपलकोटी-स्यूण बैमरु सड़क पर ग्रामीण जान हथेली पर रखकर आवाजाही कर रहे हैं। अधिकांश जगहों पर सड़क चट्टान से होकर गुजर रही है लेकिन यहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। सड़क संकरी है और कुछ जगहों पर मोड़ों पर मानकों के अनुसार हिल कटिंग भी नहीं की गई है।
पीपलकोटी से ही सड़क की स्थिति बदहाल बनी है। स्थिति यह है कि निर्माण के बाद से सड़क पर डामर नहीं बिछाया गया है। सड़क पर कहीं पत्थर के टुकड़े तो कहीं मिट्टी बिछाई गई है। बैमरु से सड़क पर डामर बिछाया गया है लेकिन नाली निर्माण न होने से जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। सड़क किनारे स्टील गार्डर और पैराफिट भी नहीं लगाए गए हैं। प्रभारी मंत्री के जिला प्रतिनिधि तारेंद्र प्रसाद थपलियाल का कहना है कि सड़क शुरुआत से स्यूंण गांव तक खतरनाक बनी है। इधर, पीएमजीएसवाई के ईई प्रमोद गंगाड़ी का कहना है कि यहां कई जगहों पर सड़क पर सुधारीकरण कार्य किया जाना है। इसके लिए शासन को इस्टीमेट भेजा जा रहा है। बजट मिलने के बाद सड़क पर सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे। संवाद
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