मनरेगा कार्यों के मैटीरियल का लंबे समय से भुगतान नहीं होने से नाराज ग्राम प्रधानों ने सोमवार को ब्लाक मुख्यालय चमोली में तालाबंदी कर दी, जिससे ब्लॉक कार्यालय में कोई काम नहीं हो पाया। वहीं ग्राम प्रधानों ने कार्य बहिष्कार भी जारी रखा। उनका कहना है कि 18 महीने से भुगतान नहीं होने से उनके सामने समस्याएं खड़ी हो गई हैं। जब तक उनकी मांग पर उचित कार्रवाई नहीं हो जाती वह तालाबंदी और कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे।
ब्लाक दशोली के ग्राम प्रधान 11 अप्रैल से ब्लॉक मुख्यालय में धरने पर बैठे हैं। मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने शनिवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। सोमवार सुबह जब कार्यालय खुले तो ग्राम प्रधानों ने यहां मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरना शुरू कर दिया। दशोली प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष नयन सिंह ने बताया कि सिर्फ दशोली ब्लाक की 63 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्यों का एक करोड़ 80 लाख रुपये का भुगतान होना है, लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। 18 महीने से भुगतान नहीं होने से प्रधानों के साथ ही काम करने वाले लोग भी परेशान हैं। दुकानदार उन पर भुगतान का दबाव बना रहे हैं, जिन लोगों ने काम किया है वह आए दिन भुगतान को लेकर उनसे पूछते रहते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के इतने दिन बावजूद अभी तक कोई सक्षम अधिकारी उनसे वार्ता करने नहीं आया है, जिसको लेकर प्रधानों में आक्रोश है। प्रधानों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती वह तालाबंदी और कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे। दशोली ब्लॉक प्रमुख विनीता देवी ने प्रधानों की मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें समर्थन दिया। इस दौरान नयन सिंह, सुनीता देवी, रेखा देवी, विद्योत्तमा देवी, लक्ष्मी, सुनीता फरस्वाण, पूरण सिंह, शंकर सिंह, जगजीवन सिंह, मयंक पंत, शिव प्रसाद डिमरी, कलावती देवी, राजेंद्र सिंह, दीपा देवी, विनीता देवी, रोशन खनेड़ा, लक्ष्मण कनवासी, बृज लाल, पूनम देवी, रेखा देवी, सुखदेव और हरेंद्र सिंह आदि ग्राम प्रधान मौजूद रहे।