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Chamoli News: बालिका शिक्षा और स्वास्थ्य से ही साकार होगा महिला सशक्तीकरण का सपना
Sat, 18 Jul 2026 05:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 18 Jul 2026 05:56 PM IST
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अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम--
फाेटो-
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम में बोलीं तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद् डॉ. शशि देवली, छात्राओं को किया जागरूक
गोपेश्वर। तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित व पीस पब्लिक स्कूल की उप प्रधानाचार्य डॉ. शशि देवली ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का सपना तभी साकार हो सकता है, जब प्रत्येक बालिका को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षित व स्वस्थ बेटियां ही परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत आधारशिला बनती हैं। उन्होंने यह बातें शनिवार को नगर के पीस पब्लिक स्कूल में अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बालिका शिक्षा और स्वास्थ्य विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ पोषण, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को समान अवसर देने और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए बालिका शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की शांभवी ने छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़े विषयों पर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए इसे लेकर किसी भी तरह की झिझक नहीं रखनी चाहिए। छात्राएं अपनी समस्याओं को खुलकर परिवार, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों से साझा करें। फाउंडेशन के भीम सिंह ने बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का आह्वान किया। कहा कि बेटा और बेटी समान हैं तथा प्रतिस्पर्धा के हर क्षेत्र में बेटियां भी बराबरी से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं।
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अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम में बोलीं तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद् डॉ. शशि देवली, छात्राओं को किया जागरूक
गोपेश्वर। तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित व पीस पब्लिक स्कूल की उप प्रधानाचार्य डॉ. शशि देवली ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का सपना तभी साकार हो सकता है, जब प्रत्येक बालिका को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षित व स्वस्थ बेटियां ही परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत आधारशिला बनती हैं। उन्होंने यह बातें शनिवार को नगर के पीस पब्लिक स्कूल में अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बालिका शिक्षा और स्वास्थ्य विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ पोषण, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को समान अवसर देने और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए बालिका शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की शांभवी ने छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़े विषयों पर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए इसे लेकर किसी भी तरह की झिझक नहीं रखनी चाहिए। छात्राएं अपनी समस्याओं को खुलकर परिवार, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों से साझा करें। फाउंडेशन के भीम सिंह ने बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का आह्वान किया। कहा कि बेटा और बेटी समान हैं तथा प्रतिस्पर्धा के हर क्षेत्र में बेटियां भी बराबरी से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं।
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