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Chamoli News: वैदिक मंत्रों के साथ खुले चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के कपाट
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट शनिवार को विधि विधान के साथ खोल लिए गए। कपाट खुलने के 500 से अधिक हक-हकूकधारी और श्रद्धालु साक्षी बने।
रुद्रनाथ के पुजारी जनार्दन तिवारी की अगुवाई में श्रद्धालुओं ने नारद कुंड में स्नान किया और रुद्रनाथ के जलाभिषे के लिए जल लेकर गए। सुबह 6:10 बजे वैदिक मंत्रोचार के साथ भगवान रुद्रनाथ के कपाट खोले गए। भगवान का जलाभिषेक करने के बाद बुग्याली फूलों से श्रृंगार किया गया। जिसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इस दौरान भोलेनाथ के जयकारों से क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। कपाट खुलने के साथ ही छह महीने तक यहां भगवान शिव के मुख के दर्शन हो सकेंगे। मंदिर के पास भंडारे का भी आयोजन किया गया। कपाट खुलने के दौरान सेवानिवृत्त कर्नल डीएस बर्त्वाल, संकल्प अभियान के अध्यक्ष मनोज बिष्ट, संरक्षक मनोज तिवारी, संदीप रावत आदि मौजूद रहे।
यहां भोलेनाथ के मुख के होते हैं दर्शन
गोपेश्वर। चतुर्थ केदार रुद्रनाथ देश का एकमात्र धार्मिक स्थल है जहां पर भगवान भोलेनाथ के मुख के दर्शन होते हैं। मान्यता है कि स्वर्गारोहिणी यात्रा पर जा रहे पांडवों को भगवान शिव ने मुख के दर्शन दिए थे। 11500 फीट की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ जाने के लिए गोपेश्वर-मंडल मार्ग पर सगार गांव से 19 किमी की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। पूरा रास्ता जंगल और बुग्यालों के चलते आकर्षक लगता है। इन दिनों पितृधार से आगे का क्षेत्र बर्फ से ढका है। हालांकि रुद्रनाथ मंदिर के आसपास बर्फ नहीं है। लेकिन आसपास बर्फ होने के चलते यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट शनिवार को विधि विधान के साथ खोल लिए गए। कपाट खुलने के 500 से अधिक हक-हकूकधारी और श्रद्धालु साक्षी बने।
रुद्रनाथ के पुजारी जनार्दन तिवारी की अगुवाई में श्रद्धालुओं ने नारद कुंड में स्नान किया और रुद्रनाथ के जलाभिषे के लिए जल लेकर गए। सुबह 6:10 बजे वैदिक मंत्रोचार के साथ भगवान रुद्रनाथ के कपाट खोले गए। भगवान का जलाभिषेक करने के बाद बुग्याली फूलों से श्रृंगार किया गया। जिसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इस दौरान भोलेनाथ के जयकारों से क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। कपाट खुलने के साथ ही छह महीने तक यहां भगवान शिव के मुख के दर्शन हो सकेंगे। मंदिर के पास भंडारे का भी आयोजन किया गया। कपाट खुलने के दौरान सेवानिवृत्त कर्नल डीएस बर्त्वाल, संकल्प अभियान के अध्यक्ष मनोज बिष्ट, संरक्षक मनोज तिवारी, संदीप रावत आदि मौजूद रहे।
यहां भोलेनाथ के मुख के होते हैं दर्शन
गोपेश्वर। चतुर्थ केदार रुद्रनाथ देश का एकमात्र धार्मिक स्थल है जहां पर भगवान भोलेनाथ के मुख के दर्शन होते हैं। मान्यता है कि स्वर्गारोहिणी यात्रा पर जा रहे पांडवों को भगवान शिव ने मुख के दर्शन दिए थे। 11500 फीट की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ जाने के लिए गोपेश्वर-मंडल मार्ग पर सगार गांव से 19 किमी की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। पूरा रास्ता जंगल और बुग्यालों के चलते आकर्षक लगता है। इन दिनों पितृधार से आगे का क्षेत्र बर्फ से ढका है। हालांकि रुद्रनाथ मंदिर के आसपास बर्फ नहीं है। लेकिन आसपास बर्फ होने के चलते यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
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