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रुद्रनाथ पैदल मार्ग की पुलिया बही, दूसरी क्षतिग्रस्त
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शनिवार रात को हुई तेज बारिश से गदेरा उफान पर आने से रुद्रनाथ मंदिर के पैदल मार्ग पर बनी एक पुलिया बह गई, जबकि दूसरी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। यदि बारिश आने से फिर गदेरा उफान पर आया तो वह भी बह जाएगी। ऐसे में यहां आवाजाही में यात्रियों को दिक्कतें उठानी पड़ीं।
मंडल रोड पर सगर से रुद्रनाथ मंदिर के लिए करीब 10 किमी का पैदल मार्ग है। यहां पुलना तोक से खर्क और चक्रगौना के बीच गदेरे पर वन विभाग की ओर से लकड़ी की पुलिया है। शनिवार रात को बारिश के कारण गदेरे के पानी के साथ बड़े-बड़े पेड़ बहकर आए जिसमें पुलिया भी बह गई। ऐसे में यहां रविवार को लकड़ी बिछाकर यात्रियों ने आवाजाही कराई गई। वहीं इसके आगे दूसरे गदेरे पर बनी पुलिया भी बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई है और कभी भी बह सकती है। गंगोल गांव के महेंद्र सिंह और पूर्व बीडीसी सदस्य देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि पुलिया बहने से यात्रियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। प्रशासन को यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यहां पर वैकल्पिक इंतजाम करने चाहिए।
मठ गांव में भूस्खलन से कई खेत क्षतिग्रस्त
चमोली जिले के अंतर्गत पीपलकोटी के पास मठ गांव में शनिवार रात को हुई तेज बारिश से हुए भूस्खलन से गांव के कई खेत क्षतिग्रस्त हो गए। लोगों ने गांव में भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट की मांग की।
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गांव के हरीश नेगी, डबल सिंह, मोहन प्रसाद, वीरेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, कुंवर सिंह आदि ने बताया कि मठ गांव में बीते साल बरसात में भूस्खलन शुरू हुआ था, तब यहां पर कई नाली जमीन बह गई थी। लोगों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाने और खेतों को भूस्खलन से बचाने के लिए सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में गांव के पैदल रास्ते भी टूट चुके हैं। शनिवार को यहां हुए भूस्खलन से कई लोगों के खेत भी क्षतिग्रस्त हो गए। सिंचित भूमि तबाह हो गई है। अब उनके सामने आर्थिकी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने भूस्खलन के ट्रीटमेंट की मांग की। संवाद
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मंडल रोड पर सगर से रुद्रनाथ मंदिर के लिए करीब 10 किमी का पैदल मार्ग है। यहां पुलना तोक से खर्क और चक्रगौना के बीच गदेरे पर वन विभाग की ओर से लकड़ी की पुलिया है। शनिवार रात को बारिश के कारण गदेरे के पानी के साथ बड़े-बड़े पेड़ बहकर आए जिसमें पुलिया भी बह गई। ऐसे में यहां रविवार को लकड़ी बिछाकर यात्रियों ने आवाजाही कराई गई। वहीं इसके आगे दूसरे गदेरे पर बनी पुलिया भी बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई है और कभी भी बह सकती है। गंगोल गांव के महेंद्र सिंह और पूर्व बीडीसी सदस्य देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि पुलिया बहने से यात्रियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। प्रशासन को यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यहां पर वैकल्पिक इंतजाम करने चाहिए।
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मठ गांव में भूस्खलन से कई खेत क्षतिग्रस्त
चमोली जिले के अंतर्गत पीपलकोटी के पास मठ गांव में शनिवार रात को हुई तेज बारिश से हुए भूस्खलन से गांव के कई खेत क्षतिग्रस्त हो गए। लोगों ने गांव में भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट की मांग की।
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गांव के हरीश नेगी, डबल सिंह, मोहन प्रसाद, वीरेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, कुंवर सिंह आदि ने बताया कि मठ गांव में बीते साल बरसात में भूस्खलन शुरू हुआ था, तब यहां पर कई नाली जमीन बह गई थी। लोगों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाने और खेतों को भूस्खलन से बचाने के लिए सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में गांव के पैदल रास्ते भी टूट चुके हैं। शनिवार को यहां हुए भूस्खलन से कई लोगों के खेत भी क्षतिग्रस्त हो गए। सिंचित भूमि तबाह हो गई है। अब उनके सामने आर्थिकी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने भूस्खलन के ट्रीटमेंट की मांग की। संवाद