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Chamoli News: ठंड का सितम, स्रोतों पर भी पानी हुआ कम
Tue, 06 Jan 2026 05:26 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 06 Jan 2026 05:26 PM IST
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फोटो
बारिश, बर्फबारी न होने से सूखने लगे प्राकृतिक नाले
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण जलस्रोत सूखने लगे हैं। स्थिति यह है कि मंडल घाटी में जिन नालों व स्रोतों पर वर्षभर पानी रहता था उनमें पानी सूख गया है। वहीं कुछ जगहों पर पानी सूखने के कगार पर पहुंच गया है।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र मंडल व चोपता के बीच कई जलस्रोत सूख गए हैं। मंडल घाटी में भी बैरागना, मंडल, सिरोली क्षेत्र में बहने वाले प्राकृतिक नालों में पानी सूखने के कगार पर पहुंच गया है। इसके अलावा पोखरी, निजमुला घाटी, उर्गम, नंदानगर, पाणा व ईराणी क्षेत्र में भी जिन स्थानों पर जलस्रोत थे उनमें जलस्तर कम हो गया है। उर्गम के लक्ष्मण सिंह नेगी कहते हैं कि सूखी ठंड पड़ रही है। बारिश व बर्फबारी न होने से इसका स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। पेड़ वाले गुरुजी धन सिंह घरिया का कहना है कि बीते वर्ष सितंबर माह से बारिश न होने से जलस्रोतों पर भी इसका असर पड़ रहा है। यदि बारिश व बर्फबारी समय पर नहीं हुई तो गर्मियों में पानी की गंभीर समस्या हो सकती है।
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बारिश, बर्फबारी न होने से सूखने लगे प्राकृतिक नाले
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण जलस्रोत सूखने लगे हैं। स्थिति यह है कि मंडल घाटी में जिन नालों व स्रोतों पर वर्षभर पानी रहता था उनमें पानी सूख गया है। वहीं कुछ जगहों पर पानी सूखने के कगार पर पहुंच गया है।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र मंडल व चोपता के बीच कई जलस्रोत सूख गए हैं। मंडल घाटी में भी बैरागना, मंडल, सिरोली क्षेत्र में बहने वाले प्राकृतिक नालों में पानी सूखने के कगार पर पहुंच गया है। इसके अलावा पोखरी, निजमुला घाटी, उर्गम, नंदानगर, पाणा व ईराणी क्षेत्र में भी जिन स्थानों पर जलस्रोत थे उनमें जलस्तर कम हो गया है। उर्गम के लक्ष्मण सिंह नेगी कहते हैं कि सूखी ठंड पड़ रही है। बारिश व बर्फबारी न होने से इसका स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। पेड़ वाले गुरुजी धन सिंह घरिया का कहना है कि बीते वर्ष सितंबर माह से बारिश न होने से जलस्रोतों पर भी इसका असर पड़ रहा है। यदि बारिश व बर्फबारी समय पर नहीं हुई तो गर्मियों में पानी की गंभीर समस्या हो सकती है।
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