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Chamoli News: 2027 तक हर विद्यालय को निपुण बनाने का लक्ष्य
Wed, 19 Feb 2025 06:30 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 19 Feb 2025 06:30 PM IST
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कर्णप्रयाग और पोखरी के 52 प्रधानाध्यापकों को दिया गया प्रशिक्षण
कहा-निपुण का लक्ष्य हर बच्चा भाषा और अंकगणित में हासिल करे दक्षता
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग/गौचर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 2027 तक संपूर्ण विद्यालयों को निपुण विद्यालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2026 में विद्यालयों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसलिए निपुण विद्यालय बनाने के लिए सर्वोच्च अभ्यास के जरिये शिक्षकों को आगे आना होगा। यह बातें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी प्राचार्य लखपत सिंह बर्त्वाल ने कहीं।
डायट में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण में कर्णप्रयाग और पोखरी ब्लॉक के प्राइमरी स्कूलों के 52 प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया। समापन सत्र में कार्यक्रम समन्वयक गोपाल प्रसाद कपरूवाण ने बताया कि निपुण एक राष्ट्रीय मिशन है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा भाषा और अंकगणित में दक्षता हासिल करे। बताया कि विद्यालयों में बाल मित्र पुस्तकालय, शिक्षकों की ओर से विभिन्न प्रोजेक्ट पर कार्य, बहुभाषी प्रार्थना सभा, बुनियादी साक्षरता एवं बुनियादी संख्या ज्ञान को प्राप्त करने के लिए आदर्श पाठ योजनाओं का निर्माण, हर शनिवार बाल सभाओं का आयोजन, बाल अखबार पुस्तकालय का प्रभावी संचालन समेत कई कार्य किए जा रहे हैं। इस दौरान शशि कंडवाल, सुमित्रा चौहान, संगीता बहुगुणा, कविता सती, राजबाला कोठियाल, रजनी नेगी, राजेश्वरी रावत, उर्मिला चौधरी आदि ने विचार प्रस्तुत किए। संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य रविंद्र सिंह बर्त्वाल, डाॅ. गजपाल राज, सुबोध डिमरी और मृणाल जोशी उपस्थित रहे।
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कहा-निपुण का लक्ष्य हर बच्चा भाषा और अंकगणित में हासिल करे दक्षता
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग/गौचर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 2027 तक संपूर्ण विद्यालयों को निपुण विद्यालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2026 में विद्यालयों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसलिए निपुण विद्यालय बनाने के लिए सर्वोच्च अभ्यास के जरिये शिक्षकों को आगे आना होगा। यह बातें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी प्राचार्य लखपत सिंह बर्त्वाल ने कहीं।
डायट में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण में कर्णप्रयाग और पोखरी ब्लॉक के प्राइमरी स्कूलों के 52 प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया। समापन सत्र में कार्यक्रम समन्वयक गोपाल प्रसाद कपरूवाण ने बताया कि निपुण एक राष्ट्रीय मिशन है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा भाषा और अंकगणित में दक्षता हासिल करे। बताया कि विद्यालयों में बाल मित्र पुस्तकालय, शिक्षकों की ओर से विभिन्न प्रोजेक्ट पर कार्य, बहुभाषी प्रार्थना सभा, बुनियादी साक्षरता एवं बुनियादी संख्या ज्ञान को प्राप्त करने के लिए आदर्श पाठ योजनाओं का निर्माण, हर शनिवार बाल सभाओं का आयोजन, बाल अखबार पुस्तकालय का प्रभावी संचालन समेत कई कार्य किए जा रहे हैं। इस दौरान शशि कंडवाल, सुमित्रा चौहान, संगीता बहुगुणा, कविता सती, राजबाला कोठियाल, रजनी नेगी, राजेश्वरी रावत, उर्मिला चौधरी आदि ने विचार प्रस्तुत किए। संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य रविंद्र सिंह बर्त्वाल, डाॅ. गजपाल राज, सुबोध डिमरी और मृणाल जोशी उपस्थित रहे।
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