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चारधाम यात्रा मार्ग पर संस्कृत भाषा में लगें साइन बोर्ड
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उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से कालिदास जयंती सप्ताह महोत्सव पर ऑनलाइन विद्वत संगोष्ठी आयोजित की गई। महाकवि-कालिदासस्य जन्मभू: विषय पर हुई संगोष्ठी में संस्कृताचार्यों ने चारधाम यात्रा मार्ग के साथ ही संस्कृत नगरी हरिद्वार व ऋषिकेश और संस्कृत ग्रामों में जगह-जगह संस्कृत भाषा में साइन बोर्ड स्थापित करने और संस्कृत भाषा के प्रचार पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता संस्कृत महाविद्यालय कविल्ठा में पूर्व प्रधानाचार्य सुरेशानंद गौड़ ने कहा कि कालीदास की जन्मस्थली कविल्ठा का प्रचार और विकास होना चाहिए। संयोजक पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि के प्रवक्ता डा. मधुसूदन सती ने संस्कृत भाषा के संरक्षण व प्रचार पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रवक्ता ऋषिराम बहुगुणा ने संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। डा. नरेंद्र पांडे ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थापित होने वाले साइन बोर्ड पर हिंदी के साथ ही संस्कृत भाषा का उपयोग होना चाहिए। संस्कृत नगरी और संस्कृत गांवों का विकास हो। इस मौके पर कैलाश देवली, राकेश कुमार शर्मा, गिरीश चंद्र तिवारी, मोलाराम भट्ट, मधुसूधन सती, रोशन गौड़, कमला गोस्वामी, डा. निधि छावड़ा, आचार्य गणेश फोन्दणी, डा. नवीन जसोला, संतोष प्रकाश, कुलदीप मैंदोली, मोहन जोशी, आशा भट्ट, तनु नेगी, आचार्य विशाल प्रसाद भट्ट, भगत प्रसाद आदि मौजूद थे।
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मुख्य वक्ता संस्कृत महाविद्यालय कविल्ठा में पूर्व प्रधानाचार्य सुरेशानंद गौड़ ने कहा कि कालीदास की जन्मस्थली कविल्ठा का प्रचार और विकास होना चाहिए। संयोजक पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि के प्रवक्ता डा. मधुसूदन सती ने संस्कृत भाषा के संरक्षण व प्रचार पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रवक्ता ऋषिराम बहुगुणा ने संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। डा. नरेंद्र पांडे ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थापित होने वाले साइन बोर्ड पर हिंदी के साथ ही संस्कृत भाषा का उपयोग होना चाहिए। संस्कृत नगरी और संस्कृत गांवों का विकास हो। इस मौके पर कैलाश देवली, राकेश कुमार शर्मा, गिरीश चंद्र तिवारी, मोलाराम भट्ट, मधुसूधन सती, रोशन गौड़, कमला गोस्वामी, डा. निधि छावड़ा, आचार्य गणेश फोन्दणी, डा. नवीन जसोला, संतोष प्रकाश, कुलदीप मैंदोली, मोहन जोशी, आशा भट्ट, तनु नेगी, आचार्य विशाल प्रसाद भट्ट, भगत प्रसाद आदि मौजूद थे।
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