{"_id":"5fb924578ebc3ec5ef0318c2","slug":"shopkeepers-returned-officers-with-jcb-gopeshwar-news-drn362479184","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेसीबी मशीनों को लेकर पहुंचे अधिकारियों को दुकानदारों ने बैरंग लौटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेसीबी मशीनों को लेकर पहुंचे अधिकारियों को दुकानदारों ने बैरंग लौटाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदरीनाथ हाईवे पर ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत शनिवार को चमोली बाजार में भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए जेसीबी के साथ पहुंचे राजस्व विभाग और एनएच के अधिकारियों को दुकानदारों ने लौटा दिया। दुकानदारों ने पहले दुकानों का मुआवजा देने की मांग उठाई। एनएच के अधिकारियों ने दुकानदारों को सामान हटाने के लिए दस दिन का समय दिया है। इस दौरान बाजार में पुलिस बल की तैनाती भी की गई।
शनिवार को सुबह ग्यारह बजे एनएच और राजस्व विभाग के अधिकारी भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए चमोली बाजार पहुंचे। दुकानदारों ने कहा कि ध्वस्तीकरण की सूचना पहले से नहीं दी गई है जिस कारण दुकानों को नहीं तोड़ने देंगे। जबकि राजस्व विभाग के अधिकारियों ने कहा कि भवन स्वामियों को पूर्व में भवनों के ध्वस्तीकरण का मुआवजा दिया जा चुका है। जबकि अन्य दुकानदारों ने कहा कि लंबे समय से वे दुकान चलाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। उन्हें भी मुआवजा दिया जाना चाहिए। वर्ष 2004 से मिठाई की दुकान चला रहे चंदन सिंह और फरीद अहमद ने कहा कि दुकानें टूटने से रोजी रोटी का संकट पैदा हो जाएगा। राजस्व उपनिरीक्षक नीरज कुमार ने कहा कि जिन भवन स्वामियों को मुआवजा दिया जा चुका है, उनके ही भवनों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। उन्होंने दुकानदारों को सामान शिफ्ट करने के लिए दस दिन का समय दिया। व्यापार संघ अध्यक्ष कुलदीप वर्मा ने दुकानदारों को भी मुआवजा देने की मांग उठाई।
विज्ञापन
शनिवार को सुबह ग्यारह बजे एनएच और राजस्व विभाग के अधिकारी भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए चमोली बाजार पहुंचे। दुकानदारों ने कहा कि ध्वस्तीकरण की सूचना पहले से नहीं दी गई है जिस कारण दुकानों को नहीं तोड़ने देंगे। जबकि राजस्व विभाग के अधिकारियों ने कहा कि भवन स्वामियों को पूर्व में भवनों के ध्वस्तीकरण का मुआवजा दिया जा चुका है। जबकि अन्य दुकानदारों ने कहा कि लंबे समय से वे दुकान चलाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। उन्हें भी मुआवजा दिया जाना चाहिए। वर्ष 2004 से मिठाई की दुकान चला रहे चंदन सिंह और फरीद अहमद ने कहा कि दुकानें टूटने से रोजी रोटी का संकट पैदा हो जाएगा। राजस्व उपनिरीक्षक नीरज कुमार ने कहा कि जिन भवन स्वामियों को मुआवजा दिया जा चुका है, उनके ही भवनों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। उन्होंने दुकानदारों को सामान शिफ्ट करने के लिए दस दिन का समय दिया। व्यापार संघ अध्यक्ष कुलदीप वर्मा ने दुकानदारों को भी मुआवजा देने की मांग उठाई।
विज्ञापन