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‘मेरिनो’ से आय बढ़ाएंगे भेड़ पालक
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चमोली जिले से लगे चीन सीमा क्षेत्र में नीती घाटी के ग्रामीण अब मेरीनो भेड़ पालन का व्यवसाय करेंगे। नीती घाटी के ग्रामीणों के भेड़ पालकों के कारोबार को बढ़ाने के लिए हिमालयन इंस्टीट्यूट फॉर इंवायरमेंट इकोलॉजी एवं डेवलपमेंट के सहयोग से नंदा देवी महिला लोक विकास समिति ने उन्हें मेरिनो प्रजाति की भेड़ उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। घाटी के पांच गांवों में ग्रामीणों को 30 भेड़ (15 नर और 15 मादा) मेरिनो भेड़ उपलब्ध कराई जाएंगी। इन भेड़ों से उन्नत क्वालिटी की ऊन प्राप्त हो सकेगी।
चमोली भेड़ बाहुल्य जिला है। नीती घाटी के भेड़ पालकों की आर्थिकी का मुख्य स्रोत भी भेड़ पालन है, लेकिन यहां परंपरागत भेड़ों की ऊन की गुणवत्ता सही नहीं है, जिस कारण उन्हें ऊन का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। अब नंदा देवी महिला लोक विकास समिति की ओर से घाटी के ग्राम पंचायत लाता, रैणी, सुखी, भंग्यूल और फाखती गांव में 30 मेरिनो प्रजाति की भेड़ उपलब्ध कराई जा रही हैं। समिति की सचिव डा. किरन पुरोहित ने बताया कि भेड़ पालकों को सीप कार्डिंग, ऊन नेटिंग, ऊन स्पेनिंग, ऊन सियरिंग वासिंग कार्डिंग, प्रोडेक्ट, डिजालन डेवलपमेंट और प्रोडेक्ट विपणन के बारे में भी बताया जाएगा। लगातार तीन साल तक समिति की ओर से घाटी में यह योजना चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य भेड़ पालकों की भेड़ों को अपग्रेट करना है, जिससे भेड़ों की ऊन अच्छी क्वालिटी की मिल सके। इससे भेड़ पालकों की आय में भी कई गुना वृद्धि होगी।
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चमोली भेड़ बाहुल्य जिला है। नीती घाटी के भेड़ पालकों की आर्थिकी का मुख्य स्रोत भी भेड़ पालन है, लेकिन यहां परंपरागत भेड़ों की ऊन की गुणवत्ता सही नहीं है, जिस कारण उन्हें ऊन का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। अब नंदा देवी महिला लोक विकास समिति की ओर से घाटी के ग्राम पंचायत लाता, रैणी, सुखी, भंग्यूल और फाखती गांव में 30 मेरिनो प्रजाति की भेड़ उपलब्ध कराई जा रही हैं। समिति की सचिव डा. किरन पुरोहित ने बताया कि भेड़ पालकों को सीप कार्डिंग, ऊन नेटिंग, ऊन स्पेनिंग, ऊन सियरिंग वासिंग कार्डिंग, प्रोडेक्ट, डिजालन डेवलपमेंट और प्रोडेक्ट विपणन के बारे में भी बताया जाएगा। लगातार तीन साल तक समिति की ओर से घाटी में यह योजना चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य भेड़ पालकों की भेड़ों को अपग्रेट करना है, जिससे भेड़ों की ऊन अच्छी क्वालिटी की मिल सके। इससे भेड़ पालकों की आय में भी कई गुना वृद्धि होगी।
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