{"_id":"67333644d8bf77c610043b44","slug":"satya-went-on-tour-demanding-gairsain-permanent-capital-karnpryag-news-c-48-kpg1001-110394-2024-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: गैरसैंण स्थायी राजधानी की मांग को लेकर भ्रमण पर निकले सत्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: गैरसैंण स्थायी राजधानी की मांग को लेकर भ्रमण पर निकले सत्य
Tue, 12 Nov 2024 04:34 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 12 Nov 2024 04:34 PM IST
विज्ञापन
कर्णप्रयाग में माईक के माध्यम से गैरसैंण स्थाई राजधानी की मांग करते सत्ये सिंह रावत। संवाद
फोटो
कर्णप्रयाग। टिहरी जनपद के थौलधार ब्लॉक के चुरैनडा गांव के सत्ये सिंह रावत गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग लेकर विभिन्न जिलों का भ्रमण कर रहे हैं। सत्ये सिंह रावत अब तक नौ जिलों का भ्रमण कर चुके हैं। वह कहते हैं कि स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर पहाड़वासियों काे एकजुट होना पड़ेगा।
सत्ये सिंह वर्ष 2020 के बाद से प्रदेश के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर रहे हैं। सोमवार को कर्णप्रयाग पहुंचे सत्ये सिंह का कहना है कि पर्वतीय प्रदेश की राजधानी गैरसैंण हो इसके लिए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने अपने प्राण न्योछावार किए थे। मगर सरकारों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण यह संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि अब वे गैरसैंण, रानीखेत, अल्मोड़ा, नैनीताल जाएंगे। वहीं अन्य जिलों में भी वे स्थायी राजधानी गैरसैंण को बनाने की लगातार मांग करेंगे। संवाद
विज्ञापन
कर्णप्रयाग। टिहरी जनपद के थौलधार ब्लॉक के चुरैनडा गांव के सत्ये सिंह रावत गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग लेकर विभिन्न जिलों का भ्रमण कर रहे हैं। सत्ये सिंह रावत अब तक नौ जिलों का भ्रमण कर चुके हैं। वह कहते हैं कि स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर पहाड़वासियों काे एकजुट होना पड़ेगा।
सत्ये सिंह वर्ष 2020 के बाद से प्रदेश के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर रहे हैं। सोमवार को कर्णप्रयाग पहुंचे सत्ये सिंह का कहना है कि पर्वतीय प्रदेश की राजधानी गैरसैंण हो इसके लिए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने अपने प्राण न्योछावार किए थे। मगर सरकारों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण यह संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि अब वे गैरसैंण, रानीखेत, अल्मोड़ा, नैनीताल जाएंगे। वहीं अन्य जिलों में भी वे स्थायी राजधानी गैरसैंण को बनाने की लगातार मांग करेंगे। संवाद
विज्ञापन