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संगम घाट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
कर्णप्रयाग
Updated Thu, 14 Jan 2016 07:00 PM IST
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मकर सक्रांति का पुण्यकाल बृहस्पतिवार मध्य रात्रि से शुरू हुआ लेकिन अलकनंदा और पिंडर के प्रयाग स्थल पर लगने वाला पौराणिक मेला बृहस्पतिवार दिन भर चलता रहा। संगम स्नान शुक्रवार सुबह होगा।
ब्लॉक मुुख्यालय के मुख्य बाजार में पौराणिक काल से मकर सक्रांति का मेला लगता आया है। 14 जनवरी को लगने वाले इस मेले में भारी संख्या में श्रद्धालु और मेलार्थी पहुंचते हैं। लेकिन इस बार मकर संक्रांति का पुण्यकाल बृहस्पतिवार मध्यरात्रि से शुरू हुआ जिसके चलते मकर सक्रांति का पवित्र स्नान शुक्रवार सुबह होगा। मुुख्य बाजार में लगने वाला उत्तरायणी मेला भी बृहस्पतिवार को लगा। यहां स्थानीय दुकानदारों ने बाजार लगाए।
पौराणिक मेलों को सहेजने की जरूरत
नगर के रंगकर्मी कांति प्रसाद डिमरी और जितेंद्र कुमार कहते हैं कि अलकनंदा और पिंडर नदी के संगम स्नान और यहां लगने वाले पौराणिक मेले में चमोली नहीं बल्कि पौणी के पैठाणी से लगे इलाकों के लोग भी पहले स्नान करने पहुंचते थे। अब भी गैरसैंण, आदिबदरी, सिदोली, पिंडर सहित दशोली क्षेत्रों की महिलाएं और बुजुर्ग संगम पर उत्तरायणी स्नान के लिए पहुंचते हैं। इस त्योहार में मुख्य बाजार में मेला लगता है। बिना प्रायोजित इस मेले में भारी भीड़ उमड़ती है लेकिन ऐसे पौराणिक मेलों को सहेजने के प्रयास अब तक नहीं हो पाए हैं।
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संगम घाट पर लगा मलबे का ढेर
आज अलकनंदा और पिंडर संगम पर श्रद्धालु स्नान करेंगे। लेकिन संगम घाट की स्थिति खस्ताहाल बनी है। ऐसे में संगम घाट पर स्नान के लिए लोगों को दिक्कतें होंगी। स्थानीय निवासी राकेश कंडवाल ने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा संगम घाट की मरम्मत कार्य पूरा न होने से यहां मलबे के ढेर लगे हैं।
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ब्लॉक मुुख्यालय के मुख्य बाजार में पौराणिक काल से मकर सक्रांति का मेला लगता आया है। 14 जनवरी को लगने वाले इस मेले में भारी संख्या में श्रद्धालु और मेलार्थी पहुंचते हैं। लेकिन इस बार मकर संक्रांति का पुण्यकाल बृहस्पतिवार मध्यरात्रि से शुरू हुआ जिसके चलते मकर सक्रांति का पवित्र स्नान शुक्रवार सुबह होगा। मुुख्य बाजार में लगने वाला उत्तरायणी मेला भी बृहस्पतिवार को लगा। यहां स्थानीय दुकानदारों ने बाजार लगाए।
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पौराणिक मेलों को सहेजने की जरूरत
नगर के रंगकर्मी कांति प्रसाद डिमरी और जितेंद्र कुमार कहते हैं कि अलकनंदा और पिंडर नदी के संगम स्नान और यहां लगने वाले पौराणिक मेले में चमोली नहीं बल्कि पौणी के पैठाणी से लगे इलाकों के लोग भी पहले स्नान करने पहुंचते थे। अब भी गैरसैंण, आदिबदरी, सिदोली, पिंडर सहित दशोली क्षेत्रों की महिलाएं और बुजुर्ग संगम पर उत्तरायणी स्नान के लिए पहुंचते हैं। इस त्योहार में मुख्य बाजार में मेला लगता है। बिना प्रायोजित इस मेले में भारी भीड़ उमड़ती है लेकिन ऐसे पौराणिक मेलों को सहेजने के प्रयास अब तक नहीं हो पाए हैं।
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संगम घाट पर लगा मलबे का ढेर
आज अलकनंदा और पिंडर संगम पर श्रद्धालु स्नान करेंगे। लेकिन संगम घाट की स्थिति खस्ताहाल बनी है। ऐसे में संगम घाट पर स्नान के लिए लोगों को दिक्कतें होंगी। स्थानीय निवासी राकेश कंडवाल ने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा संगम घाट की मरम्मत कार्य पूरा न होने से यहां मलबे के ढेर लगे हैं।