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गुलाब जल और हर्बल धूप होगी पंचबदरी प्रसाद में शामिल
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गुलाब जल और हर्बल धूप होगी पंचबदरी प्रसाद में शामिल
काश्तकार मनरेगा के तहत कर रहे डैंमसक गुलाब की खेती
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। इस साल बदरीनाथ धाम की यात्रा के दौरान काश्तकारों (महिला समूहों) की ओर से तैयार गुलाबजल और हर्बल धूप को भी पंचबदरी प्रसाद में शामिल किया जाएगा। स्थानीय काश्तकार बड़ी तादात में डैमस्क गुलाब की खेती कर इस प्रसाद को तैयार कर रहे हैं।
बीते साल काश्तकारों के स्वयं सहायता समूहों ने चौलाई के लड्डू प्रसाद के रूप में बेचकर काफी अच्छी आय अर्जित की थी। अब इस साल बदरीनाथ धाम में स्थानीय काश्तकारों की ओर से तैयार गुलाबजल और हर्बल धूप भी पंचबदरी प्रसाद के रूप में मिलेगी। काश्तकार इस समय मरेगा के तहत डैमस्क गुलाब की खेती कर रहे हैं। इसी गुलाब से गुलाब जल और हर्बल धूप तैयार की जा रही है। इस संबंध में सगंध पौधा केंद्र के जिला प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि जोशीमठ ब्लॉक के 170 काश्तकार करीब 44.50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में डैमस्क गुलाब की खेती कर रहे हैं। इससे तैयार गुलाबजल और हर्बल धूप उनकी आय को बढ़ाने में काफी कारगर साबित होगा। जोशीमठ ब्लॉक के पाखी, सलूड़, डूंगरा, परसारी, मेरग, बड़ागांव, भग्यूल, लाता आदि गांवों में काश्तकार डैमस्क गुलाब की खेती कर रहे हैं।
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गुलाब जल और हर्बल धूप होगी पंचबदरी प्रसाद में शामिल
काश्तकार मनरेगा के तहत कर रहे डैंमसक गुलाब की खेती
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। इस साल बदरीनाथ धाम की यात्रा के दौरान काश्तकारों (महिला समूहों) की ओर से तैयार गुलाबजल और हर्बल धूप को भी पंचबदरी प्रसाद में शामिल किया जाएगा। स्थानीय काश्तकार बड़ी तादात में डैमस्क गुलाब की खेती कर इस प्रसाद को तैयार कर रहे हैं।
बीते साल काश्तकारों के स्वयं सहायता समूहों ने चौलाई के लड्डू प्रसाद के रूप में बेचकर काफी अच्छी आय अर्जित की थी। अब इस साल बदरीनाथ धाम में स्थानीय काश्तकारों की ओर से तैयार गुलाबजल और हर्बल धूप भी पंचबदरी प्रसाद के रूप में मिलेगी। काश्तकार इस समय मरेगा के तहत डैमस्क गुलाब की खेती कर रहे हैं। इसी गुलाब से गुलाब जल और हर्बल धूप तैयार की जा रही है। इस संबंध में सगंध पौधा केंद्र के जिला प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि जोशीमठ ब्लॉक के 170 काश्तकार करीब 44.50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में डैमस्क गुलाब की खेती कर रहे हैं। इससे तैयार गुलाबजल और हर्बल धूप उनकी आय को बढ़ाने में काफी कारगर साबित होगा। जोशीमठ ब्लॉक के पाखी, सलूड़, डूंगरा, परसारी, मेरग, बड़ागांव, भग्यूल, लाता आदि गांवों में काश्तकार डैमस्क गुलाब की खेती कर रहे हैं।
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