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फोटो- श्रम अधिकारी को लगानी पड़ रही है रुड़की से चमोली की दौड़
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चमोली का श्रम विभाग अधिकारी-कर्मचारियों की कमी झेल रहा है जिससे श्रमिकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों को श्रम कार्ड के नवीनीकरण, बच्चों की छात्रवृत्ति व अन्य सहायता की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। यहां के श्रम अधिकारी का चार्ज रुड़की के श्रम अधिकारी को दिया गया है। साथ ही उन्हें रुद्रप्रयाग जिले की भी जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में उन्हें रुड़की से चमोली और रुद्रप्रयाग तक करीब 350 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
चमोली जनपद में 18 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। यहां मौजूदा समय में संविदा पर दो डाटा इंट्री ऑपरेटर और एक अनुसेवक की तैनाती है जबकि बीते मार्च माह में श्रम अधिकारी जयपाल भेंटवाल के सेवानिवृत्त होने के बाद से श्रम अधिकारी का पद रिक्त चल रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी और पूर्व ग्राम प्रधान तेजवीर कंडेरी ने बताया कि यहां रुड़की के श्रम अधिकार को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। श्रम अधिकारी जिले में जिलास्तरीय बैठकों में शामिल होने के साथ ही विभागीय कार्यों के लिए रुड़की से चमोली तक लगभग 300 किलोमीटर की दौड़ लगा रहे हैं। कई बार बदरीनाथ हाईवे बंद होने पर उन्हें आधे रास्ते ही लौटना पड़ रहा है। वहीं श्रम विभाग में कनिष्ठ व वरिष्ठ सहायक के पद भी रिक्त चल रहे हैं।
इधर, श्रम अधिकारी धर्मराज प्रजापति का कहना है कि रुड़की के अलावा चमोली और रुद्रप्रयाग जिले का अतिरिक्त प्रभार भी मुझ पर ही है। विभिन्न योजनाओं के कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। कई पत्रावलियां चमोली से रुड़की मंगाई जाती हैं। रुड़की से चमोली की दूरी अधिक होने से सुचारु कार्य करने में दिक्कतें भी आ रही हैं।
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यह प्रकरण मेरी जानकारी में हैं। हम विकल्प देख रहे हैं। जैसे ही कोई विकल्प मिलता है चमोली और रुद्रप्रयाग अलग से श्रम अधिकारी की तैनाती कर दी जाएगी।
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चमोली जनपद में 18 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। यहां मौजूदा समय में संविदा पर दो डाटा इंट्री ऑपरेटर और एक अनुसेवक की तैनाती है जबकि बीते मार्च माह में श्रम अधिकारी जयपाल भेंटवाल के सेवानिवृत्त होने के बाद से श्रम अधिकारी का पद रिक्त चल रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी और पूर्व ग्राम प्रधान तेजवीर कंडेरी ने बताया कि यहां रुड़की के श्रम अधिकार को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। श्रम अधिकारी जिले में जिलास्तरीय बैठकों में शामिल होने के साथ ही विभागीय कार्यों के लिए रुड़की से चमोली तक लगभग 300 किलोमीटर की दौड़ लगा रहे हैं। कई बार बदरीनाथ हाईवे बंद होने पर उन्हें आधे रास्ते ही लौटना पड़ रहा है। वहीं श्रम विभाग में कनिष्ठ व वरिष्ठ सहायक के पद भी रिक्त चल रहे हैं।
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इधर, श्रम अधिकारी धर्मराज प्रजापति का कहना है कि रुड़की के अलावा चमोली और रुद्रप्रयाग जिले का अतिरिक्त प्रभार भी मुझ पर ही है। विभिन्न योजनाओं के कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। कई पत्रावलियां चमोली से रुड़की मंगाई जाती हैं। रुड़की से चमोली की दूरी अधिक होने से सुचारु कार्य करने में दिक्कतें भी आ रही हैं।
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यह प्रकरण मेरी जानकारी में हैं। हम विकल्प देख रहे हैं। जैसे ही कोई विकल्प मिलता है चमोली और रुद्रप्रयाग अलग से श्रम अधिकारी की तैनाती कर दी जाएगी।