{"_id":"65a1398a810946bdb4011a29","slug":"religious-rituals-begin-in-newly-built-kuber-temple-gopeshwar-news-c-47-1-sdrn1002-4084-2024-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: नवनिर्मित कुबेर मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: नवनिर्मित कुबेर मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान शुरू
Fri, 12 Jan 2024 06:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Fri, 12 Jan 2024 06:37 PM IST
विज्ञापन
पांडुकेश्वर में अलकनंदा से निकाल जलकलश यात्रा में शामिल होती स्थानीय महिलाएं। संवाद
फाेटो
जोशीमठ। पांडुकेश्वर में नवनिर्मित मंदिर में कुबेर जी मूर्ति मकर संक्रांति को विराजमान हो जाएगी। इसके लिए मंदिर में शुक्रवार से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में कलश यात्रा निकाली।
पांडुकेश्वर कुबेर जी व उद्धवजी के शीतकालीन प्रवास स्थल हैं। यहां पर कुबेर जी का मंदिर जीर्णशीर्ण हो गया था, जिसकी जगह पर ग्रामीणों ने भव्य मंदिर तैयार कर लिया है। मकर संक्रांति पर धार्मिक विधि विधान के साथ कुबेर जी की मूर्ति अपने नवनिर्मित मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। इसको लेकर शुक्रवार से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। शुक्रवार सुबह महिलाएं पारंपरिक परिधान में कुबेर मंदिर पहुंचीं और कलश यात्रा निकाली गई। महिलाएं अलकनंदा नदी से कलश में जल भरकर मंदिर पहुंचीं। इस जल से मंदिर का शुद्धीकरण किया जाएगा। कुबेर दिवारा समिति के सचिव जसवीर सिंह मेहता ने बताया कि 15 जनवरी को पूजा-अर्चना कर विधि विधान के साथ कुबेर जी की मूर्ति नए मंदिर में विराजमान हो जाएगी। संवाद
विज्ञापन
जोशीमठ। पांडुकेश्वर में नवनिर्मित मंदिर में कुबेर जी मूर्ति मकर संक्रांति को विराजमान हो जाएगी। इसके लिए मंदिर में शुक्रवार से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में कलश यात्रा निकाली।
पांडुकेश्वर कुबेर जी व उद्धवजी के शीतकालीन प्रवास स्थल हैं। यहां पर कुबेर जी का मंदिर जीर्णशीर्ण हो गया था, जिसकी जगह पर ग्रामीणों ने भव्य मंदिर तैयार कर लिया है। मकर संक्रांति पर धार्मिक विधि विधान के साथ कुबेर जी की मूर्ति अपने नवनिर्मित मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। इसको लेकर शुक्रवार से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। शुक्रवार सुबह महिलाएं पारंपरिक परिधान में कुबेर मंदिर पहुंचीं और कलश यात्रा निकाली गई। महिलाएं अलकनंदा नदी से कलश में जल भरकर मंदिर पहुंचीं। इस जल से मंदिर का शुद्धीकरण किया जाएगा। कुबेर दिवारा समिति के सचिव जसवीर सिंह मेहता ने बताया कि 15 जनवरी को पूजा-अर्चना कर विधि विधान के साथ कुबेर जी की मूर्ति नए मंदिर में विराजमान हो जाएगी। संवाद
विज्ञापन